जागरण संवाददाता, झज्जर : डीसी श्याम लाल पूनिया ने झज्जर जिला के विभिन्न स्कूलों में दसवीं व बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के साथ आनलाइन संवाद किया। एसपी वसीम अकरम भी लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हाल से सत्र में शामिल हुए। चर्चा विद डीसी कार्यक्रम के लिए गूगल फार्म के माध्यम से पंजीकरण कराने वाले 25 विद्यार्थी शार्टलिस्ट हुए। परीक्षा पूर्व बच्चों के साथ यह संवाद कार्यक्रम बेहद उपयोगी साबित हुआ। इंटरनेट मीडिया पर स्क्रीन टाइम में करनी होगी कटौती

इंटरनेट मीडिया के उपयोग व नशीले पदार्थों के प्रति आकर्षण से बचाव को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में डीसी श्याम लाल पूनिया व एसपी वसीम अकरम ने उपयोगी जानकारी दी। डीसी ने बच्चों को इंटरनेट मीडिया पर स्क्रीन टाइम में कटौती करने की बात कही। वहीं एसपी वसीम अकरम ने कहा कि जीवन में एकाकीपन ही ड्रग्स व सोशल मीडिया के प्रति आकर्षण पैदा करता है। हमें इससे बचने के लिए परिवार के सदस्यों व मित्रों के साथ बातचीत करनी चाहिए। नजदीकी संबंधियों से भी प्रतिदिन बातचीत से यह आकर्षण अपने आप कम हो जाएगा। समय प्रबंधन से होगा तनाव कम

डीसी श्याम लाल पूनिया बोर्ड की परीक्षा से पहले तनाव कम करने संबंधी एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अब तक आप जो भी पढ़ चुके हैं उसको अब दोहराने का समय है। साथ ही पुराने प्रश्न पत्रों को पढ़ना चाहिए। जीवन और परीक्षा में समय प्रबंधन का विशेष महत्व है। विषय पर आपके बेसिक और कान्सेप्ट क्लीयर होने चाहिए। क्रिकेट में एक आलराउंडर के तौर पर समय प्रबंधन से तनाव कम होता है। लक्ष्य पर फोकस व स्वयं के प्रति बनना होगा ईमानदार

विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में आईएएस की तैयारी संबंधी सवाल भी पूछें। जिस पर डीसी ने कहा कि सबसे पहला हमारा लक्ष्य पर फोकस स्पष्ट होना चाहिए। स्वयं के प्रति ईमानदारी व मेहनत से लक्ष्य आसानी से हासिल किया जा सकता है। दसवीं से बारहवीं के दौरान विषय संबंधी बेसिक्स क्लीयर होने चाहिए। ग्रेजुएशन के उपरांत संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से परीक्षा में बैठना होगा। जीके व जीएस आदि पर पकड़ के लिए नियमित रूप से समाचार पत्र-पत्रिकाएं भी पढ़नी चाहिए। वहीं जिस भी भाषा पर पकड़ हो उसी के माध्यम से परीक्षा में भागीदारी करनी चाहिए। परीक्षा केंद्र में समस्याएं नहीं समाधान लेकर जाए

हाई स्कोरिग को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि कभी भी अंकों को लेकर दिमाग पर दबाव न डालें। प्रश्न पत्र मिलते ही हल करने की बजाए सबसे पहले सभी सवालों को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए। उपलब्ध संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से परीक्षा में समस्या की बजाय समाधान लेकर जाना चाहिए तभी स्कोरिग के दबाव से मुक्त होकर अच्छा स्कोर किया जा सकता है। इस अवसर पर सीटीएम परवेश कादियान, जिला शिक्षा अधिकारी बीपी राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दिलजीत सिंह, सक्षम कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डा. सुदर्शन पूनिया, सीएमजीजीए तान्या सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहें।

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