जागरण संवाददाता, झज्जर : एक अक्टूबर, मंगलवार से जिला की मंडियों में बाजरा की सरकारी खरीद शुरू होनी थी, लेकिन पहले दिन मंडियों में कही भी खरीद नहीं हो पाई। शेड्यूल के अनुसार जो किसान बाजरा बेचने के लिए मंडियों में पहुंचे तो उन्हें सिर्फ परेशानी ही उठानी पड़ी। इधर, पहले दिन जिला भर की अलग-अलग मंडियों में एक दर्जन से अधिक किसान बाजरा बेचने के लिए पहुंचे। सभी इस आस में थे कि वे फसल बेच पाएंगे। मंडियों में जगह की कमी, साफ-सफाई से जुड़ी दिक्कत के कारण ऐसा नहीं हो पाया। जिससे उन्हें निराश अपने घर लौटना पड़ा।

संवाद सूत्र, साल्हावास : मंगलवार को मातनहेल मंडी में मार्किटिग कमेटी की टीम पहुंची और अपना काम शुरू किया। टीम में उमेद सिंह एआर, सतीश एआर, सुषमा एआर व सक्षम से अंजू की टीम पहुंची । हालांकि, पहले दिन कोई खरीद नहीं हो पाई। इधर, मातनहेल मंडी प्रधान राजबीर सुहाग ने बताया कि सरकार द्वारा किसानों के बाजरा की खरीद एक अक्टूबर से करने की बात कही गई है। लेकिन मंडी में फसल डालने के स्थान पर सफाई व्यवस्था बहुत ही खराब है। वहां आवारा पशुओं के गोबर व कूड़ा करकट पड़ा हुआ है। मंडी के आढ़ती तकदीर सुहाग, अशोक (पप्पू) व संजय सुहाग ने बताया कि जहां किसानों के गेट पास बनाए जा रहे हैं, वहां पर भी सफाई व्यवस्था नहीं है। पानी की व्यवस्था भी मंडी में ठीक नहीं है। यहां तक की टोकन काटने के स्थान पर भी किसानों को अपनी बारी के इंतजार में धूप में तपना पड़ेगा। छांव में खड़ा होने की कोई व्यवस्था नहीं हैं।

मातनहेल मंडी के लिए जारी किया गया शेड्यूल : 2 अक्टूबर - बंबूलिया, भिडावास, बिलोचपुरा, बीड़ छुछकवास

3 अक्टूबर - बिरोहड़, चढ़वाना, ढलानवास, गोरिया

4 अक्टूबर - इस्लामगढ़, झामरी, झाड़ली, कलियावास

5 अक्टूबर शनिवार, को सप्ताह में जिन गांवों का नंबर था और किसी कारणवश किसान बाजरा नहीं बेच सके उनको मौका मिलेगा।

7 अक्टूबर - खाचरौली, खानपुर कला, खानपुर खुर्द,

8 अक्टूबर - खापड़वास, खेड़ा थ्रू, खेतावास

9 अक्टूबर - खोरड़ा, कोयलपुर, मालियावास

10 अक्टूबर - मानकवास, मारोत, मातनहेल

11 अक्टूबर - मोहनबाड़ी, मुंदसा, नोगावा

12 अक्टूबर शनिवार, को 7 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक जो किसान अपनी फसल किसी कारण वश नहीं ला सके वो शनिवार को ला सकते हैं।

14 अक्टूबर - रेढ़ूवास, रूडियावास, सासरोली

15 अक्टूबर - सेहलंगा, शाहजहांपुर

बाजरा रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण कार्य हैफेड व वेयर हाउस को दिया गया है। इसके लिए अधिकारिक पत्र भी आ चुका है। भविष्य में खरीद का कार्य उन दोनों द्वारा किया जाएगा।

- अशोक कुमार, एएफएससी, झज्जर।

Posted By: Jagran

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