यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
खेत खलिहान : गेहूं बिजाई के लिए अच्छे से तैयार करें खेत, ना रहने दें खरपतवार
- खेतों को अछे से तैयार होने के बाद समय से करें गेहूं की बिजाई

जागरण संवाददाता, झज्जर :
गेहूं की बिजाई का सीजन जोरों पर है। किसान गेहूं बिजाई में जुटे हैं। बिजाई से पहले अपने खेत को अच्छे से तैयार करना चाहिए। इसमें किसान ध्यान रखें कि जब वे खेत को तैयार कर रहे हो तो खरपतवार बिल्कुल भी ना रहने दें। बिजाई से पहले तैयार किया गया खेत, बाद में फसल के लिए लाभदायक माना जाता है। अगर खेत अच्छे से तैयार होगा तो गेहूं बिजाई के बाद भी कम खरपतवार होगी। जिससे फसल की ग्रोथ पर भी असर पड़ेगा। अगर खेत में खरपतवार होगी तो गेहूं की फसल को बढ़ने में बाधा बनेगी। जिसके कारण पैदावार भी प्रभावित होगी। साथ ही बीमारियों पर भी असर पड़ता है। इसलिए बिजाई से पूर्व खेतों को तैयार करना आवश्यक है।
जिले की बता करें तो पिछले साल 1 लाख 1 हजार 651 हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई की गई थी। वहीं इस बार भी एक लाख से अधिक हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई होने की उम्मीद है। जिले में बिजाई होने वाले कुल एरिया का करीब दो तिहाई एरिया गेहूं बिजाई होता है। गेहूं की बिजाई के लिए नवंबर माह ही उचित समय माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं बिजाई का उपयुक्त समय 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक होता है। 25 नवंबर को भी तीन दिन ही बचे हुए हैं। इसलिए किसान जल्दी से जल्दी बिजाई करें, क्योंकि इसके बाद पछेती बिजाई करनी होगी। पछेती बिजाई में भी किसान उसी अनुसार गेहूं की किस्मों का चयन करें, जो पछेती बिजाई के लिए उपयुक्त हैं। विशेषज्ञों के अनुसार समय से बिजाई करके ही अच्छी पैदावार होती है। इसलिए किसान गेहूं बिजाई में अधिक देरी ना होने दें। जल्दी से गेहूं बिजाई करें।
-डीडीए इंद्र सिंह ने कहा कि किसानों को फसल बिजाई से पूर्व अपने खेतों को अच्छे से तैयार करना चाहिए। खेत में खरपतवार नहीं रहनी चाहिए। बिजाई से पहले तैयार किए गए खेतों का असर बिजाई के बाद फसल पर दिखाई देता है। इससे पैदावार भी बढ़ती है।
