जागरण संवाददाता, झज्जर : गांव भदाना की चौपाल में भूगोल प्राध्यापक मुकेश शर्मा व उनकी बेटी अंशुल शर्मा ने मिलकर स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर उनका विशाल रेखाचित्र बनाया । स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 में कलकत्ता में हुआ था । उनके पिता विश्वनाथ दत्त व मां भुनेश्वरी देवी के संस्कारों के चलते उन्होनें हिन्दू आध्यात्म में अपनी रुचि के अनुरूप रामकृष्ण परमहंस को अपना गुरु बनाया । वह बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी थे । उन्होंने ब्रह्मचर्य का पालन किया व अपनी समस्त शक्ति को दीन - दुखियों की सेवा में लगा दिया । सन 1893 में उन्होंने अमेरिका के प्रमुख शहर शिकागो में धर्म सम्मेलन में भाग लेकर अपनी ओजस्वी वाणी से सोए हुए समाज को जगाने का कार्य किया । युवाओं को सन्देश दिया था कि अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारण करना बहुत जरूरी है । उन्होंने कहा था कि - उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक तुम्हें, तुम्हारी मंजिल न मिल जाए । उनका 39 वर्ष की आयु में 4 जुलाई,1902 में निधन हो गया था । परंतु जब तक वह इस दुनिया में रहे तब तक उन्होंने मानव उत्थान व हिन्दू संस्कृति के लिए कार्य किया । इस अवसर पर अनेकों युवाओं ने शामिल होकर स्वामी विवेकानंद जी को अपना शत-शत नमन किया ।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस