तपस्वी शर्मा, झज्जर : भारी भरकम आने वाले बिजली के बिल अब 1 अक्टूबर से आपकी जेब को हल्का करने की बजाय भारी करने वाले हैं। जी हां, अभी तक जिस स्लैब से आप बिजली के बिलों का भुगतान कर रहे हैं उसमें कटौती करते हुए सरकार के स्तर पर बड़ी छूट दिए जाने की घोषणा विधानसभा से की गई है। घोषणा के मुताबिक 200 यूनिट तक 4 रुपये 50 पैसे की दर की बजाय 2 रुपये 50 पैसे बिल लगेगा और जो उपभोक्ता 50 यूनिट तक खर्च करेंगे उनसे 2 रुपये की दर से वसूला जाएगा। जिला झज्जर से जोड़ते हुए अगर इस घोषणा को आंकड़ों की नजर में देखा जाए तो निगम के करीब कुल 2 लाख 10 हजार उपभोक्ता है। जिसमें से 1 लाख 15 हजार उपभोक्ता ऐसे है जो ढाई सौ यूनिट से कम बिजली का उपयोग में लाते है। जिसमें से 15 सौ उपभोक्ता शहरी क्षेत्र के भी शामिल है। ऐसे में सीधे रूप से यह तो प्रतीत होता ही हैं कि लाखों रुपये का फायदा अब उन उपभोक्ताओं को होना स्वभाविक है जो कि कम बिजली खर्च करते हुए अपना जीवन यापन कर रहे हैं। यहां इस बात का भी जिक्र आ रहा है कि बिल अब एक माह के बाद आएंगे। उठाए जाने वाले इस कदम से भी उपभोक्ताओं को ही फायदा पहुंचेगा। बेशक ही ऐसा होने जाने से 1 लाख 15 हजार उपभोक्ताओं का जो स्लैब है, वह भी बढ़ जाएगा। एक ओर जहां अब बिजली की खपत को लेकर लोग ध्यान रखेंगे। दूसरा विभाग के स्तर पर भी बिल जमा करवाने वालों की संख्या में वृद्धि होगी। चुनाव से पहले इस प्रकार की घोषणा बेशक ही आने वाले दिनों में सरकार के स्तर पर चर्चा का विषय रहने वाली है।

लाइनलॉस होगा कम

बिजली के दामों में कटौती करने से उपभोक्ता और निगम दोनों को लाभ होना स्वभाविक है। कटौती हो जाने से जहां सीधे रूप से उपभोक्ता को कम बिल भरना पड़ेगा। वहीं बिजली निगम को फायदा यह होगा कि बिजली चोरी की घटनाएं भी कम होगी। झज्जर डिवीजन की बात करें तो शहर सहित करीब 14 गांव इसके अंतर्गत आते है। जिसमें लाइनलॉस यानि चोरी की घटनाएं करीब 20 से 25 फीसद तक होती है। उसमें कमी आने की संभावना है। ऐसा ही अन्य डिवजनों में भी होने से लाइन लॉस कम होगा जो कि विभागीय स्तर पर भी फायदे का सौदा साबित होने वाला प्रतीत हो रहा है। निगम कर्मियों पर बढ़ेगा वर्क लोड प्रतिमाह बिल आने से निगम कर्मियों पर वर्क लोड बढ़ जाएगा। क्यूंकि पहले जो कार्य दो माह में करना होता था। वह कार्य अब एक माह में करना पड़ेगा। बिल बांटना, कैश एकत्रित करना सहित कई कार्यो में वर्क लोड बढ़ जाएगा। जबकि प्रतिमाह बिल लाने से जो रेवेन्यू आएगा। वह भी इसी से जुड़ा पहलु हैं। हालांकि इस विषय को लेकर सोशल मीडिया पर भी लंबे समय से चर्चाएं चल रही थी। लोग इस तरह से यह बात उठाते रहे हैं कि दो माह के लिए आने वाले बिल के कारण जो एक्सेस यूनिट होती है, उसके लिए ज्यादा भुगतान करना पड़ता है। क्योंकि अधिक खपत होने के कारण स्लैब बढ़ जाता है। हालांकि, एक अक्टूबर से योजना के मूर्त रूप लेने के बाद परिणाम किस रूप से फायदा पहुंचाएंगे। यह तो आने वाला समय निश्चित करेगा। हां, इतना अवश्य है कि प्रारंभिक रूप से यह सौदा फायदे का प्रतीत हो रहा है। - वर्तमान सरकार प्रत्येक वर्ग के लिए कार्य कर रही है। बिजली के बिलों में कटौती के लिए जो कदम उठाया गया है। वह सभी के लिए है। किसी विशेष या डिफाल्टरों के लिए नहीं। बेशक ही इस कदम से लोग लाभान्वित होंगे। निगम हो या आम उपभोक्ता प्रत्येक को फायदा होना स्वभाविक है। लोगों भी स्वत: आगे आते हुए अब बिजली के बिलों को भरने में रूचि दिखाएंगे। कुल मिलाकर इसे बढि़या फैसला कहा जा सकता है।

बिजेंद्र दलाल, जिलाध्यक्ष, भाजपा।

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जिले में करीब 2 लाख 10 हजार उपभोक्ता है। जिसमें से 1 लाख 15 हजार उपभोक्ता ऐसे है जो 250 यूनिट से कम बिजली उपयोग में लाते है। जिसमें से 15 सौ उपभोक्ता शहरी क्षेत्र के भी शामिल है।

संदीप जैन, एसई बिजली निगम, झज्जर।

Posted By: Jagran