संवाद सूत्र, बेरी (झज्जर) : सांसद डा. अरविद शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम महानता और वीरता के प्रतीक हैं और उन्हें न्याय का देवता भी माना गया है। सांसद ने कहा कि भगवान परशुराम का जन्म अन्याय, अधर्म व पाप के विनाश के लिए हुए था और भगवान विष्णु ने उन्हें अपना छठा अवतार भी माना है। सांसद अरविद शर्मा बेरी में ब्राह्मण सभा द्वारा आयोजित भगवान परशुराम जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

सांसद ने बेरी की ब्राह्मण धर्मशाला स्थित भगवान परशुराम मंदिर सभागार में उन्होंने बेरी से अपना आत्मीय लगाव बताते हुए अपनी भागेदारी के लिए सदैव हाजिर रहने की बात कही। कहा कि समाज व भाईचारे को मजबूत करें और सुख-दुख में एक दूसरे का सहयोग करें। सांसद ने कहा कि भाईचारे से बड़ा कुछ नहीं है। साथ ही भाईचारा मजबूत होगा तो समाज अपने आप तरक्की करेगा। सांसद ने कहा कि भगवान परशुराम की सच्चे मन से सेवा व प्रार्थना करने वालो भक्तों को धर्म, ज्ञान, संतान प्राप्ति का फल मिलता है। मान्यताओं के अनुसार सात ऐसे चिरंजीवी देवता है, जो कि युगों युगों से इस पृथ्वी पर मौजूद है और इन्हीं में से एक भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम भी है। कार्यक्रम का शुभारंभ यज्ञ के साथ हुआ, पूर्व विधायक नरेश कौशिक द्वारा यज्ञ में पूर्ण आहुति डाली गई। उन्होंने हर वर्ष धर्म नगरी में अनूठी और भव्य परम्परा शोभा यात्रा के लिए खुशी जाहिर की। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय पहलवान योगेश्वर दत्त ने भी भागीदारी की। इस अवसर पर ब्राह्मण सभा की ओर से पीताम्बर शर्मा ने मांग पत्र प्रस्तुत किया। जिस पर सांसद ने मांगों को पूरा कराने का भरोसा दिया। सभा की ओर से एसएन कौशिक द्वारा समस्त समाज की व्याख्या करते हुए बताया कि ब्राह्मण समाज माला में धागे की तरह समाज को जोडऩे का काम करता है। समस्त जातियों में संस्कार और संस्कृति का प्रचार प्रसार करके ही सम्मान का पात्र बना है। इस अवसर पर ब्राह्मण शक्ति संघ के प्रदेशाध्यक्ष के डी शर्मा पाहसौर, डी पी कौशिक, मनीष चेयरमैन, विनोद शर्मा, देवराज प्रधान, हेमचंद्र कौशिक, याद राम शर्मा, डा मनमोहन शर्मा, सूरजमल, एस एन कौशिक, दिनेश शर्मा, संजय शर्मा, सोमबीर, राजीव भारद्वाज व कलानौर, झज्जर, बाकरा, दुजाना, मदाना कला ब्राह्मण सभा के प्रधानों व प्रतिनिधियों के साथ अन्य भी मौजूद रहे।

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