झज्जर सिविल अस्पताल की OPD में लगा मरीजों का तांता, बदलते मौसम के बीच बढ़ा इन बीमारियों का खतरा
मौसम बदलने के कारण झज्जर सिविल अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है, जिसमें बच्चों में वायरल ...और पढ़ें
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बदलते मौसम में बच्चों पर ज्यादा असर।
HighLights
बच्चों में वायरल बुखार, खांसी-जुकाम के मामले अधिक देखे जा रहे हैं
बदलते मौसम से एलर्जी, अस्थमा और त्वचा रोगों के मरीज बढ़े
चिकित्सकों ने ठंडे पानी से बचने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी
जागरण संवाददाता, झज्जर। मौसम में बदलाव के साथ ही लोगों की सेहत पर भी इसका असर दिखाई देने लगा है। इन दिनाें सुबह-शाम हल्की ठंड और दिन में गर्मी के कारण झज्जर के सिविल अस्पताल की एलोपैथी, आयुष और होम्योपैथी ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
तीनों चिकित्सा पद्धतियों के विभागों में रोजाना सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। एलोपैथी में खांसी, जुकाम, वायरल बुखार, गले में दर्द, लगातार छींक आने, अस्थमा और रक्तचाप की समस्या वाले मरीज पहुंच रहे हैं।
वहीं होम्योपैथी में त्वचा और एलर्जी संबंधी शिकायतों तथा आयुष विभाग में पंचकर्म करवाने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
बच्चों में वायरल संक्रमण के मामले अधिक
बाल रोग विशेषज्ञ डा. महिपाल ने बताया कि मौसम परिवर्तन का सबसे अधिक असर बच्चों पर दिखाई दे रहा है। दोपहर करीब 1:30 बजे तक ही बच्चों की ओपीडी में 80 से 85 मरीज पहुंच चुके थे।
इनमें बुखार, खांसी, जुकाम और तेज सांस चलने जैसी शिकायत वाले बच्चे शामिल रहे। वहीं इमरजेंसी में अस्थमा के साथ वायरल बुखार से पीड़ित मरीज भी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों की ओर से जांच के बाद आवश्यक उपचार किया जा रहा है और अस्पताल से उपलब्ध दवाइयां निशुल्क दी जा रही हैं।
होम्योपैथी में एलर्जी व त्वचा रोग के मरीज
होम्योपैथी विशेषज्ञ डा. निकुंज शर्मा ने बताया कि बदलते मौसम में एलर्जी संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ी है। शरीर पर लाल दाने निकलना, खुजली, सफेद दाग तथा अन्य त्वचा रोगों से पीड़ित लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि होम्योपैथी में कई रोगों में लंबे समय तक उपचार चलता है और मरीजों को नियमित दवा लेने की सलाह दी जाती है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार उपचार दिया जा रहा है।
इस दौरान गांव तुंबाहेड़ी से पहुंचे मदन, मनोहर लाल, सावित्री, खेड़ी खातीवास से मंजीत यादव, महेंद्र, पंकज, सुंदर, रविंद्र और राजेश सहित अन्य मरीजों ने बताया कि वे काफी समय से होम्योपैथी की दवा ले रहे हैं। उनके अनुसार उपचार के बाद उन्हें अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में राहत महसूस हो रही है।
पंचकर्म के लिए भी बढ़ी मरीजों की संख्या
आयुष विभाग की पंचकर्म विशेषज्ञ डा. ज्योति ने बताया कि पंचकर्म चिकित्सा के लिए महिला और पुरुष पहले से भी अस्पताल पहुंचते रहे हैं, लेकिन मौसम बदलने के बाद संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
त्वचा रोग, गले की परेशानी, पथरी, सफेद दाग, शरीर में जकड़न और अलग-अलग हिस्सों में दर्द जैसी समस्याओं वाले मरीज विभाग में आ रहे हैं। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार मरीजों को पंचकर्म चिकित्सा दी जा रही है और निशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
गांव पलड़ा, जहाजगढ़, छुछकवास, भदानी, कबलाना से आए ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें लंबे समय से एलर्जी की परेशानी थी और आयुष विभाग से उपचार लेने के बाद राहत मिली है। उन्होंने अपनी मां का भी पंचकर्म करवाया था, जिन्हें घुटनों में दर्द की शिकायत थी। उनके मुताबिक उपचार के बाद दर्द में काफी आराम मिला।
खुद को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें?
सामान्य अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक अजय धनखड़ ने बताया कि मौसम परिवर्तन के कारण वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। लोगों को इस समय फ्रिज का अत्यधिक ठंडा पानी पीने से बचना चाहिए।
सुबह-शाम तापमान में गिरावट को देखते हुए शरीर को मौसम के अनुरूप ढालना जरूरी है। पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने और खान-पान में सावधानी बरतने से मौसमी बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
अस्पताल में दवाइयों की कमी नहीं : डा. अजय सिंगला
सिविल अस्पताल के एसएमओ डा. अजय सिंगला ने बताया कि अस्पताल में मरीजों को सभी आवश्यक दवाइयां निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। दवाइयों की कोई कमी नहीं है। यदि किसी मरीज को उपचार या दवा से संबंधित कोई परेशानी आती है तो वह अस्पताल कार्यालय में अधिकारियों से संपर्क कर सकता है। समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा।
