हरियाणा में दूध-दही खाने वालों का हो रहा दिल कमजोर, रोजाना जा रही 33 जानें; अकेले यमुनानगर में 18 हजार मौतें
हरियाणा में हृदय रोगों से रोजाना औसतन 33 लोगों की जान जा रही है, पिछले सात वर्षों में 85 हजार ...और पढ़ें
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स्वास्थ्य मंत्री आरती राव का बड़ा खुलासा।
HighLights
हरियाणा में प्रतिदिन औसतन 33 लोगों की हृदय रोग से मृत्यु
पिछले सात वर्षों में 85 हजार से अधिक हृदय रोग मौतें
यमुनानगर में सर्वाधिक 18 हजार से ज्यादा मौतें दर्ज की गईं
सोमदत्त शर्मा, करनाल। दूध-दही के खाने और शरीर से हट्टे कट्टे हरियाणा के लोगों का दिल अब कमजोर होने लगा है। हरियाणा में हर दिन औसतन 33 लोगों की जान हृदय से संबंधित बीमारी के चलते जा रही है।
सबसे खतरनाक स्थिति उत्तर प्रदेश के साथ लगते यमुनानगर जिले में है। यहां रोजाना औसतन सात लोगों की जान हृदय संबंधित बीमारियों से जा रही है। सात साल में हरियाणा में 85 हजार से अधिक मौत इस बीमारी से हुई हैं, जबकि अकेले यमुनानगर में 18 हजार से अधिक मौत दर्ज की गई हैं।
इसके विपरीत फरीदाबाद और करनाल के लोगों को दिल काफी मजबूत है। यहां पर सात साल में मौत का आंकड़ा 400 से भी कम है। करनाल में 325 और फरीदाबाद में 278 की मौत दर्ज की है।
स्वास्थ्य मंत्री का बड़ा खुलासा
प्रदेश में हृदय से संबंधित बीमारी से मौत के ये चौंकाने वाले आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के हैं। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने अप्रैल 2019 से मार्च 2026 तक के आंकड़े हरियाणा विधानसभा के पटल पर रखे हैं।
इन पर गौर करें तो प्रदेश में हर माह इस बीमारी से दम तोड़ने वालों की संख्या औसतन एक हजार है। ऐसे में हर साल 12 हजार लोग इस बीमारी का शिकार हो जाते हैं।
यमुनानगर में हार्ट संबंधी बीमारी के सबसे ज्यादा कस
यमुनानगर के बाद सबसे अधिक अधिक मौत वाले जिलों में रोहतक, सिरसा, महेंद्रगढ़, कैथल, रेवाड़ी, झज्जर, जींद जिले हैं। ये वो जिले हैं, जहां सात साल में पांच हजार से अधिक मौत दर्ज की गई हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक सात सालों में सबसे अधिक मौत यमुनानगर में 18,334 दर्ज की गई हैं। इनके अलावा रोहतक में 7873, सिरसा 7567, महेंद्रगढ़ 6802, कैथल 6429 रेवाड़ी 5623, झज्जर 5339 और जींद में 5103 मौत हुई हैं।
इसी प्रकार फतेहाबाद 3527, चरखीदादरी 2561, गुरुग्राम 2513 और कुरुक्षेत्र में 2394 मौत हुई।
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