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उम्र चार साल, हुनर बेमिसाल; हरियाणा के मयन सैनी ने दो विश्व रिकॉर्ड किए अपने नाम

Published: Mon, 28 Sep 2026 11:11 PM (IST)

महमूदपुर गांव के चार वर्षीय मयन सैनी ने अपनी प्रतिभा से दो विश्व रिकॉर्ड बनाए हैं, जिसमें देशों के झंडे ...और पढ़ें

हरियाणा केमयन सैनी ने दो विश्व रिकॉर्ड किए अपने नाम।

हरियाणा केमयन सैनी ने दो विश्व रिकॉर्ड किए अपने नाम।

HighLights

  1. चार वर्षीय मयन सैनी ने दो विश्व रिकॉर्ड बनाए।

  2. झंडे और देशों की पहचान में अद्भुत प्रतिभा दिखाई।

  3. मां मधु सैनी ने खेल-खेल में सिखाकर मदद की।

मनीष भारद्वाज, मुलाना। गांव महमूदपुर निवासी चार वर्षीय मयन सैनी ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर छोटी उम्र में ही दो विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मयन की इस उपलब्धि के पीछे उसके माता-पिता के प्रोत्साहन के साथ-साथ उसकी माता मधु सैनी की अहम भूमिका रही है।

मयन के पिता रोहित सैनी और माता मधु सैनी ने बताया कि मयन को शुरू से ही देशों, झंडों और विश्व मानचित्र को जानने में रुचि थी। उसकी इसी रुचि को देखते हुए उसकी मां मधु सैनी ने उसे पढ़ाई के दबाव के बजाय खेल-खेल में देशों और उनके झंडों की पहचान करना सिखाया।

मयन ने भी इसे खेल की तरह लिया और धीरे-धीरे इतनी आसानी से सीखता चला गया कि कम उम्र में ही उसने रिकॉर्ड कायम कर दिए। मयन सैनी ने 12 मई 2026 को अंबाला में 195 देशों के झंडों को पहचान कर और उनके नाम बोलकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इसके चलते मयंक का नाम वर्ल्ड वाइड बुक आफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। मयन ने यह उपलब्धि एक मिनट 44 सेकंड में हासिल की।

उस समय उसकी उम्र करीब साढ़े चार वर्ष थी। अब महाद्वीप वार देशों की पहचान कर बनाया दूसरा रिकॉर्ड 10 जुलाई 2026 को मयन ने एक और उपलब्धि हासिल की। मयन महज चार वर्ष आठ माह और 10 दिन की उम्र में रंगीन विश्व के ब्लैंक मैप से महाद्वीप वार सभी देशों की पहचान कर उनके नाम बताए।

उसने यह कार्य दो मिनट 19.8 सेकंड में पूरा किया और नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। यह विश्व रिकॉर्ड इंटरनेशनल बुक आफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया, जिसका सर्टिफिकेट मयन को सितंबर को प्राप्त हुआ।

मां बोलीं- बच्चे पर पढ़ाई का दबाव नहीं बनाया मयन की माता मधु सैनी ने बताया कि उन्होंने उसे रटाने के बजाय खेल-खेल में सीखने का माहौल दिया। झंडों और नक्शे को लेकर उसके साथ बार-बार खेल की तरह अभ्यास किया गया। इसी वजह से मयन ने चीजों को आसानी से याद कर लिया।

उन्होंने कहा कि बच्चे की रुचि को पहचानकर उसी तरीके से उसे सिखाया जाए तो वह बिना दबाव के बहुत कुछ सीख सकता है। परिवार और ग्रामीणों ने मयन के साथ-साथ उसकी मां मधु सैनी के प्रयासों की भी सराहना की है।