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हरियाणा में आधुनिक खेती का कमाल, मिट्टी के बिना उग रही सब्जियों की पौध; किसानों के लिए वरदान बनी ये तकनीक

Published: Sat, 24 Oct 2026 02:59 PM (IST)

मुनीमपुर, झज्जर में पुष्प उत्पादन एवं उत्कृष्टता केंद्र आधुनिक तकनीक से बिना मिट्टी के सब्जियों और फूलों की गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार कर रहा है।

झज्जर : पुष्प उत्पादन एवं उत्कृष्टता केंद्र, मुनीमपुर में तैयार की गई पौधे दिखाते डा. सुभाष चंद्र। जागरण

झज्जर : पुष्प उत्पादन एवं उत्कृष्टता केंद्र, मुनीमपुर में तैयार की गई पौधे दिखाते डा. सुभाष चंद्र। जागरण

HighLights

  1. मुनीमपुर केंद्र में बिना मिट्टी के गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार

  2. किसानों को स्वस्थ, रोगमुक्त पौध किफायती दरों पर उपलब्ध

  3. रोपण के बाद निरीक्षण, सब्सिडी से किसानों को प्रोत्साहन

जागरण संवाददाता, झज्जर। आधुनिक तकनीक के सहारे खेती को आसान, किफायती और लाभकारी बनाने की दिशा में मुनीमपुर स्थित पुष्प उत्पादन एवं उत्कृष्टता केंद्र किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है।

केंद्र में हाईटेक पालीहाउस के माध्यम से मौसमी सब्जियों और फूलों की गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार की जा रही है। खास बात यह है कि यहां मिट्टी के बिना ही सब्जियों की पौध विकसित की जाती है, जिससे किसानों को स्वस्थ और बीमारी मुक्त पौध उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

केंद्र की यह पहल किसानों को बेहतर फसल उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ाने के साथ खेती की लागत कम करने में भी सहायक बन रही है।

मिट्टी नहीं, आधुनिक तकनीक से तैयार हो रही पौध 

केंद्र में स्थापित चार सामान्य पालीहाउस व एक हाईटेक पालीहाउस में किसानों की जरूरत के अनुसार सब्जियों और फूलों की पौध तैयार की जा रही है।

इनमें टमाटर, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, बैंगन, गोभी और खीरा जैसी प्रमुख सब्जियां शामिल हैं। किसान अपनी पसंद की सब्जी का बीज लेकर केंद्र पहुंचते हैं, जिसके बाद उनकी मांग के अनुरूप पौध तैयार की जाती है।

इस व्यवस्था से किसानों को अपनी पसंद की किस्म की पौध प्राप्त करने का विकल्प मिलता है और उन्हें खेत में सीधे बीज बोने की तुलना में पौध तैयार करने की मेहनत से भी राहत मिलती है।

एक एकड़ के लिए पौध की संख्या भी निर्धारित

सब्जियों की खेती में सही संख्या में पौध लगाना बेहतर उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है। केंद्र में तैयार पौध के संबंध में फसल के प्रकार के अनुसार अलग-अलग मानक निर्धारित हैं।

पौधे वाली सब्जियों के लिए एक एकड़ में करीब 12 हजार पौध लगाई जाती हैं, जबकि बेल वाली सब्जियों के लिए प्रति एकड़ लगभग छह हजार पौध की जरूरत होती है। इससे किसानों को फसल की योजना बनाने और खेत में पौध लगाने की तैयारी करने में सहूलियत मिलती है।

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1.20 से 1.40 रुपये में मिल रही पौध 

केंद्र में किसानों को किफायती दरों पर पौध उपलब्ध कराई जा रही है। तैयार की गई पौध की कीमत 1.20 रुपये और 1.40 रुपये प्रति पौध रखी गई है। इससे किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार पौध हासिल करने में मदद मिलती है।

विशेष रूप से सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए यह सुविधा उपयोगी है, क्योंकि अच्छी गुणवत्ता की पौध फसल की शुरुआती बढ़वार और आगे के उत्पादन में अहम भूमिका निभाती है।

खेत में रोपाई के बाद भी रखी जाती है नजर 

केंद्र की भूमिका केवल पौध तैयार करके किसानों को सौंपने तक सीमित नहीं है। किसान के खेत में पौध का रोपण होने के बाद संबंधित अधिकारी फसल का निरीक्षण भी करते हैं।

निरीक्षण के उपरांत निर्धारित पात्रता और नियमों के अनुसार किसानों को प्रति पौध एक रुपये से लेकर 4.25 रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है। इससे किसानों को आर्थिक सहायता मिलती है और आधुनिक तरीके से सब्जियों की खेती करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।

मुनीमपुर का यह केंद्र आधुनिक बागवानी तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। गुणवत्तापूर्ण पौध, किसानों की पसंद के अनुसार बीज से पौध तैयार करने की सुविधा और सब्सिडी का लाभ खेती को अधिक व्यवस्थित एवं लाभकारी बनाने की दिशा में अहम कदम हैं। केंद्र में किसानों को आधुनिक तकनीक से तैयार गुणवत्तापूर्ण एवं बीमारी मुक्त सब्जियों की पौध उपलब्ध कराई जा रही है। -डॉ. सुभाष चंद, प्रोजेक्ट ऑफिसर, मुनीमपुर।

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