यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
खेत खलिहान : किसान गेहूं की बिजाई में ना करें देरी, 25 तक कर सकते हैं समय से बिजाई
-गेहूं बिजाई का 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक उचित समय -किसान गेहूं बिजाई के लिए अछे से तैयार करें खेत

जागरण संवाददाता,झज्जर : गेहूं की बिजाई की सीजन जोरों पर है। अब किसान बिना किसी देरी के गेहूं की बिजाई कर सकते हैं, ताकि अच्छी पैदावार हो। विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं बिजाई का उपयुक्त समय 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक है। इस अवधि में ही किसानों को गेहूं की बिजाई करना चाहिए। फिलहाल अभी तक काफी कम किसानों ने ही गेहूं की बिजाई की है। जिले में रबी सीजन के दौरान सबसे अधिक गेहूं की बिजाई होती है। वहीं पिछले वर्ष की बात करें तो 1 लाख 1 हजार 651 हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई की गई थी। वहीं सरसों की बिजाई का एरिया पिछली बार करीब 30 हजार हेक्टेयर ही था। वहीं अन्य किसी भ फसल का बिजाई एरिया 10 हजार हेक्टेयर का आंकड़ा नहीं छू पाया। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि अधिकतर किसान गेहूं की फसल पर निर्भर करते हैं। इसलिए गेहूं की अच्छी पैदावार का जिले के किसानों पर प्रभाव पड़ेगा। वहीं इस बार भी गेहूं का बिजाई एरिया पिछली दफा से कम नहीं रहने की संभावना है। जिन किसानों को गेहूं की बिजाई करनी है, 25 नवंबर तक ही करें।
गेहूं बिजाई से पूर्व किसानों को बीज उपचार के साथ-साथ अपने खेतों को अच्छे से तैयार करना होगा। जिन किसानों के खेत अभी खाली हो चुके हैं, वे जमीन की निराई-गुड़ाई करके अच्छे से तैयार कर लें। खेत में खरपतवार ना रहने दें। अगर खरपतवार रहती है तो उसका फसल की पैदावार पर भी असर पड़ता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जिन खेतों में दीमक की समस्या हो तो किसान 60 एमएम क्लोरपायरीफास 20ईसी नामक दवाई को दो लीटर पानी में मिलाकर घोल बना लें। बिजाई से पहले दिन शाम के समय इस घोल को 40 किलो बीज पर छिड़काव करें और अच्छे से मिला लें। ताकि यह घोल बीज पर ठीक से लग जाए। इसके बाद बीज को रातभर रख दें और सुबह बिजाई से पहले फफूंद नाशक दवाई व उसके बाद जीवाणु खाद के टीके से उपचार करके ही बिजाई करें। किसान रसायनिक खादों का प्रयोग भी मिट्टी जांच के बाद ही करें। किसान मिट्टी जांच करवाएं, ताकि यह पता लग सके कि मिट्टी में किस चीज की कमी है। -कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ संयोजक डा. उमेश शर्मा ने कह कि किसान गेहूं बिजाई से पहले अपने खेतों को अच्छे से तैयार कर लें। अच्छे से खेत तैयार होने के बाद ही उपचारित बीज से ही बिजाई करें। उच्च गुणवत्ता के बीजों का ही प्रयोग करना चाहिए। गेहूं की बिजाई का कार्य 25 नवंबर तक पूरा करें। समय से बिजाई करके अच्छी पैदावार ली जा सकती है।
