जागरण संवाददाता, झज्जर : कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर भारत बंद का झज्जर में कुछ भी असर नहीं दिखाई दिया। हां, जिस दौरान कांग्रेसी बाजार में प्रदर्शन कर रहे थे। उस समय दुकानदारों ने उनकी बात को मानते अपने शटर तो नीचे किए। लेकिन वहां से आगे जाते ही शटर ऊपर उठा दिए। बाजार अन्य दिनों की तर्ज पर ही दिन भर खुले रहें। हालांकि कांग्रेसियों ने सांकेतिक बंद के आह्वान के लिए कुछ घंटों का ही समय निर्धारित किया हुआ था। लेकिन उस समय काल में भी उन्हें ठोस सफलता नहीं मिल पाई। इधर, प्रस्तावित बंद के माहौल की बात हो तो सामान्य तौर पर झज्जर का बाजार आठ बजे से खुलना शुरू हो जाता है। ऐसे में जब कांग्रेसी सड़कों पर उतरे तो बाजार पूरा खुला हुआ था। चूंकि वह पहले ही काफी देरी से बाजार में आए थे। इसलिए व्यापारियों ने उनकी कॉल को काफी हद तक अनसुना भी किया। जबकि कुछ स्थानों पर दुकानदारों ने हामी तो भरी लेकिन प्रतिष्ठान बंद करने में रूचि नहीं दिखाई। व्यापार मंडल के स्तर पर व्यापारियों ने एक सवाल यह भी उठाते हुए कहा कि शनिवार को राजरीतिक पार्टी के स्तर पर बंद का आह्वान था। जिसके कारण पहले ही बाजार में ग्राहक अन्य दिनों की अपेक्षा कम देखने को मिले। रविवार छुट्टी का दिन होने के बाद सोमवार को पुन: दुकान बंद करने का मतलब यह है कि तीन दिन तक लगातार प्रतिष्ठान का बंद रहना। ऐसी स्थिति में पहले ही जब गुजारा करना मुश्किल हो चला है तो एक दिन और बंद करते हुए दिक्कत का बढ़ना लाजिमी है। व्यापारियों के स्तर पर कांग्रेसियों के समक्ष जब वह बातें रखी गई तो वह भी कुछ ठोस जवाब नहीं दे पाए। यहां उनका भी कहना था कि वह स्वयं इस बात को कह रहे है कि हालात ठीक नहीं है। लोगों को गुजारा करना भी मुश्किल हो रहा हैं। जबकि वर्तमान सरकार किसी भी स्तर पर आमजन के हित में कुछ भी ठोस कदम नहीं उठा रही। होना यह चाहिए कि पेट्रो उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए। नेताओं की भीड़ रही सड़कों पर मौजूद

भारत बंद के आह्वान की बात हो तो झज्जर की सड़कों पर कांग्रेस के नेताओं की भीड़ ज्यादा देखने को मिली। जबकि बेरी एवं बादली सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में बंद का खास असर देखने को नहंी मिला। जिला मुख्यालय पर अन्य क्षेत्रों से जुड़े हुए नेता भी पहुंचे और अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। यहां मुख्य रूप से वरिष्ठ कांग्रेसी राज ¨सह जाखड़, सतीश छिक्कारा, अधिवक्ता विकास अहलावत, मार्के¨टग बोर्ड के पूर्व चेयरमेन नरेश हसनपुर, कुलदीप वत्स, जिला बार के अध्यक्ष कृष्ण कादयान, रमेश वाल्मीकि, श्याम सिलाना, एडवोकेट अर¨वद गुलिया, अधिवक्ता भूदेव गुलिया, हरीश यादव, पार्षद हेमंत भगाना, हर्ष शर्मा, दीपक धनखड़ , रमेश माजरा , सतीश धनखड, विश्वेंद्र कादयान, अमरेंद्र कादयान बेरी ,साहिल कादयान बेरी, हेमंत दहिया, सुनील अहलावत, मनजीत अहलावत, नरेश देवरखाना, डा.संदीप सैनी, धर्म ¨सह बाल्मीकि, यादवीर सिलाना,सरजीत गुलिया बादली, वीरेंद्र यादव, दया पहलवान सुलोधा, मास्टर प्रदीप रेवाड़ी खेड़ा,मास्टर हरीश सैनी, महावीर कटारिया, जेपी कादियान, राजेश सिलानी आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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