जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ : रोहतक-दिल्ली रोड पर झज्जर मोड़ के पास स्थित रतन ज्वेलर्स के यहां सेंधमारी की वारदात सुरक्षा में भारी चूक यानि लापरवाही और साथ लगती निर्माणाधीन दुकान की वजह से हुई है। ज्वेलर्स की दुकान की दीवार तोड़ने में निर्माणाधीन दुकान में 10 दिन पहले बनाई गई पांच फीट ऊंची दीवार भी मददगार बनी। इसी दीवार की आड़ में चोरों ने ज्वेलर्स की दुकान की दीवार तोड़ी और अंदर घुस गए। निर्माणाधीन दुकान के बाहर धूल रोकने के लिए लगा हरे रंग का पर्दा भी मददगार बना। पर्दे और दीवार के पीछे चोर अपना खेल खेलते रहे और किसी को कुछ पता नहीं लगा। ज्वेलर्स ओमप्रकाश ने निर्माणाधीन दुकान के मालिक होम्योपैथिक डा. रणधीर दहिया पर भी आरोप लगाया कि उनकी लापरवाही के कारण हमारी दुकान में चोरी हुई। तीन माह से लगातार बार-बार कहने के बाद भी दुकान का निर्माण पूरा नहीं किया गया। ओमप्रकाश ने बताया कि उनकी आभूषणों की दुकान है और उसमें हमेशा ही लाखों रुपये के जेवरात रखे होते हैं, जिनके चोरी होने का डर था, इसलिए इस बारे में शहर थाना में शिकायत भी दी थी। इसके बावजूद साथ वाली दुकान का निर्माण जल्द पूरा नहीं किया गया। ऐसे में वहीं हुआ, जिसकी उन्हें पहले से ही आंशका थी। इस बारे में डा. रणधीर दहिया ने बताया कि हमने ओमप्रकाश के कहने पर पहले धनतेरस पर निर्माण रोका। फिर प्रदूषण की वजह से काम रुका। अब दस दिन से काम शुरू हुआ है। पांच फीट की दीवार जो बनाई गई है वह नक्शे में है और सीढि़यों के रैंप को स्पोट देने के लिए यह दीवार बनाई गई है। हालांकि पुलिस इसकी जांच कर रही है और निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार व मजदूरों से भी पूछताछ की जा रही है, मगर अब तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है। मौके पर एफएसएल व फिगर प्रिट एक्सपर्ट की टीम ने भी करीब एक घंटे तक गहन छानबीन करके चोरों के फिगर प्रिट व अन्य साक्ष्य जुटाए हैं। चोरी की मुख्य वजह बनी ये चूक

- तीन माह से चल रहा साथ लगती दुकान का निर्माण कार्य का न होना

- दुकान में 10 दिन पहले बनाई गई पांच फीट की दीवार बनी चोरों के लिए आड़

- ज्वेलर्स की दुकान की दीवार मिट्टी व ईंटों से बनी होना व आरसीसी की न होना

- ज्वेलर्स की दुकान के सीसीटीवी भी बंद थे

- ज्वेलर्स की दुकान में सायरन का न होना

- आसपास की दुकानों के सीसीटीवी भी शटर के अंदर थे

- अमूमन दुकानदारों के बाहर सीसीटीवी का न होना

- चौकीदार का न होना

- शहर थाने से 50-60 मीटर दूर ही होने पर भी सुरक्षा में लापरवाही होना 1700 किलो वजनी तिजौरी को तोड़ने के लिए पर्याप्त और नए बने औजार लेकर आए थे चोर

दुकानदार ओमप्रकाश ने बताया कि 1700 किलो वजनी तिजौरी मेरठ की बनी थी। उसने करीब चार साल पहले ही बहादुरगढ़ में एक जानकार से इसे खरीदा था। इस तिजौरी की चार-चार ईंच मोटी परत थी। तिजौरी के दरवाजे चारों तरफ से लोक होते थे। तिजौरी को तोड़ने वाले चोर तकनीकी रूप से काफी दक्ष थे। वे अपने साथ पर्याप्त संख्या में बिल्कुल नए औजार लेकर आए थे। गैस कटर व लोहे से बनाए गए तकनीकी औजारों से तिजौरी को तोड़ा गया। चोरी के तरीके को देखते हुए अनुमान लगाया जा सकता है चोर बहुत एक्सपर्ट थे और वारदात से पहले उन्होंने कई बार रेकी भी की होगी। चोरों ने तोड़ी गई दीवार के साथ रखी तिजौरी को नहीं छुआ, क्योंकि उन्हें पहले से ही मालूम था कि आभूषण कौन सी तिजौरी में रखे थे। चार-पांच दिन से रैकी होने का शक पुलिस ने जताया है। दुकानदार ओमप्रकाश ने बताया कि ज्वेलर्स की दुकान में हर रोज 70 प्रतिशत लोग संदिग्ध ही आते हैं। मौके पर चोरी में प्रयोग किए बड़े साइज के पेंचकस, तिजौरी को तोड़ने में प्रयोग हुआ लोहे का राफड़ा आदि मिले हैं। पीड़ित ज्वेलर्स की जुबानी

ओमप्रकाश ने बताया कि वह धर्मपुरा की गली नंबर एक का रहने वाला है। मैंने करीब 20 साल से रोहतक रोड पर बराही रोड के नजदीक रतन ज्वेलर्स के नाम से दुकान कर रखी है। बुधवार शाम को छह बजे मैं अपनी दुकान पर ताला लगाकर बंद करके घर चला गया था। वीरवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे पड़ोसियों से सूचना पाकर मैंने अपनी दुकान खोली तो देखा कि मेरी दुकान का सामान बिखरा पड़ा था। फिर मैंने देखा कि मेरी दुकान के साथ लगती डा. रणबीर दहिया कि दुकान जो करीब तीन महीने से निर्माणाधीन है, उसकी तरफ से दुकान की दीवार तोड़कर चोर मेरी दुकान मे प्रवेश करके तिजौरी को काटकर उनमें रखा 150 ग्राम सोने के लोंग, बाली, चेन, अंगुठी, रिपेयरिग का सामान तथा करीब 60 किलो चांदी के हार, कड़े, तागड़ी, कडुली, चेन, चुटकियां, अंगुठियां, मूर्तियां व 10 से 12 किलो चांदी के सिक्के चुरा ले गए हैं। चोर करीब पांच हजार रुपये नकद भी चुरा ले गए हैं। ज्वेलरी के काफी जानकार थे चोर, आर्टिफिशियल आभूषणों को नहीं छोड़ा:

दुकानदार ओमप्रकाश ने बताया चोर ज्वेलरी के पूरे जानकार थे। चोरों ने तिजौरी व बाहर रैक में रखे सिर्फ सोने व चांदी से आभूषणों को ही चुराया है। दुकान की रैक में रखे आर्टिफिशियल आभूषणों व प्रतिमाओं को चोरों ने छेड़ा तक नहीं। ओमप्रकाश ने बताया कि चोर अपने बैग भरकर टूटी हुई दीवार में से निकलने लगे तो चांदी के कुछ आभूषण साथ वाली निर्माणाधीन दुकान के खाली भूखंड में गिर गए, जिनको बाद में वह उठाकर लाया है।

Edited By: Jagran