जागरण संवाददाता,झज्जर : जिले में सात सालों का रिकार्ड तोड़कर वर्ष 2021 में सबसे अधिक डेंगू के मरीज मिले। जिसने स्वास्थ्य विभाग की चिता बढ़ाने का काम भी किया। हालांकि, राहत की बात यह है कि सभी डेंगू के मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। किसी भी डेंगू के मरीज की मौत नहीं हुई। अक्टूबर व नवंबर माह में डेंगू के लिए पीक समय रहा। अधिकर डेंगू के मरीज इन दो माह के दौरान ही मिले। बढ़ते डेंगू के मरीजों को देखते हुए आमजन भी चितित था। डेंगू की चपेट में आने वाले अधिकतर लोग शहरी एरिया से सामने आए। जबकि, आधे से अधिक मरीज झज्जर व बहादुरगढ़ शहरी एरिया में रिपोर्ट हुए। इसलिए स्वास्थ्य विभाग का फोकस एरिया भी झज्जर व बहादुरगढ़ शहर ही रहा।

दिसंबर की शुरूआत से ही डेंगू की रफ्तार धीमी पड़ गई है। ठंड की दस्तक के कारण डेंगू का प्रकोप भी कम हुआ। लेकिन, अभी पूरी तरह से राहत नहीं मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार डेंगू फैलाने वाला मच्छर अधिक ठंड में जीवित नहीं रह सकता। इस कारण अब ठंड के बढ़ने से डेंगू की चपेट में आने वालों का आंकड़ा थम सा गया है। जिले में अब तक 323 डेंगू के मरीज मिल चुके है। इनमें से अंतिम डेंगू का मरीज 3 दिसंबर को सामने आया था। जो सभी डेंगू के मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। अधिकतर मरीजों का स्थिति सामान्य होने के कारण अस्पताल में भी भर्ती नहीं करवाना पड़ा। इधर, स्वास्थ्य विभाग ने भी डेंगू की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाए। साथ ही एंटी लार्वा एक्टिविटी, सघन फीवर मास सर्वे व फोगिग पर फोकस रखा। ताकि डेंगू के बढ़ते प्रकोप को रोका जा सके। साथ ही मच्छर का लार्वा ना पनपे इसके लिए जिले के 462 जलाशयों में गंबूजिया मछली तक डाली गई।

वर्ष 2015 से लेकर 2021 तक सात सालों की बात करें तो इस वर्ष ही डेंगू के सबसे अधिक मरीज मिले हैं। इन सात सालों में सबसे कम वर्ष 2019 में केवल 7 मरीज ही मिले थे। वहीं सबसे अधिक की बात करें तो वर्ष 2021 में 323 मरीज मिल चुके हैं। इससे पहले वर्ष 2015 में 230 डेंगू के मरीजों की पुष्टि हुई थी। इसके बाद डेंगू के मरीजों में गिरावट आ रही थी। वहीं सात सालों में से तीन वर्ष ही डेंगू के मरीजों का आंकड़ा शतक से पार हो पाया। वहीं अन्य चार वर्षों में डेंगू मरीज 100 से भी कम रहे। पिछले वर्षों में मिले रहे डेंगू के मरीज

बाक्स :

वर्ष डेंगू के मरीज

2015 230

2016 45

2017 111

2018 56

2019 7

2020 27

2021 323 -डिप्टी सिविल सर्जन डा. सरिता ने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक व्यवस्था की। अब ठंड बढ़ने के साथ ही डेंगू के नए मरीज मिलने पर भी रोक लग गई है।

Edited By: Jagran