जागरण संवाददाता, झज्जर :

पिछले दो दिनों में तीन दफा आए भूकंप के झटको र त्वरित संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक स्तर पर आपदा केंद्र स्थापित किया गया है। इसी कड़ी में डीसी सोनल गोयल ने सभी अधिकारियों को भी सजग रहने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि हालांकि भूकंप एक प्राकृतिक आपदा है और इसे रोका नहीं जा सकता। लेकिन कम से कम भूकंप से बचने के लिए आधुनिक विज्ञान की पूरी मदद ली जा सकती है।

उपायुक्त ने बुधवार को आपदा प्रबंधन में विशेष तौर पर भूकंप को लेकर अधिकारियों के साथ आपदा प्रबंधन पर समीक्षा भी की। गोयल ने कहा कि आपदा प्रबंधन की जो योजना जिला स्तर पर तैयार की गई है उस पर सभी अधिकारी सजग रहते हुए कार्य करें। उन्होंने आपदा प्रबंधन व बचाव के तरीकों की तैयारियों की व्यापक रूप से समीक्षा करने के लिए मॉक ड्रिल करने के भी निर्देश दिए। उपायुक्त ने भूकंप जैसी आपदा के समय खंड स्तर पर क्विक रिएक्शन टीम तैयार करें। जो खतरे को भांपते ही राहत व बचाव कार्य में जुटने के लिए तैयार रहे। सुझाव दिया कि गांव स्तर पर भी युवाओं की टीम तैयार कर उन्हें आपदा व फ‌र्स्ट एड में निपुण रखें ताकि बिना समय गवाएं आपदा प्रबंधन बेहतर ढंग से हो सके। डीसी ने कहा कि आपदा के समय बेहतर प्रबंधन के परिणाम के लिए मॉक ड्रिल जैसी क्रियाएं नियमित रूप से की जाएं। सिविल सर्जन को भी निर्देश दिए कि वे भी चिकित्सकों एवं सहयोगियों की टीम को आपदा के लिहाज से प्रबंधन में रखें साथ ही आपदा के समय खुले स्थान को पहले से ही चिह्नित करने के निर्देश दिए।

उन्होने जिले की सभी औद्योगिक इकाइयों में भूंकप जैसी आपदा के लिए मॉक ड्रिल के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में प्रबंधन स्टाफ तथा श्रमिकों को आपदा में बचाव के कारकों से अवगत कराया जाए। स्कूलों तथा अन्य शिक्षण संस्थाओं में नियमित रूप से विद्यार्थियों को आपदा के समय तुरंत किए जाने एवं नहीं किए जाने वाले कार्यों से अवगत कराया जाए। उपायुक्त ने कहा कि सरकारी व गैर सरकारी जर्जर हो चुके भवनों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर सुरक्षित उपाए करने के निर्देश दिए। यहां करें सपर्क

गौरतलब है कि पिछले दो-तीन दिनों में झज्जर में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। ऐसे में प्रशासनिक स्तर पर आह्वान किया गया है कि भूकंप आने पर घबराएं नहीं बल्कि स्वयं के साथ दूसरों के बचाव के लिए जुटे। जिला स्तर पर आपदा नियंत्रण कक्ष 01251-253116 तथा 253118 पर संपर्क करें। गोयल ने जिला आपदा एवं राजस्व अधिकारी मनबीर सांगवान को आपदा के समय बचाव व राहत के लिए आवश्यक सामान व मशीनरी की सूची व स्थान को सभी के साथ जानकारी सांझा करने के निर्देश दिए। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों व स्कूलों में छात्र-छात्राओं को आपदा प्रबंधन कार्यक्रम में बारे में नियमित रूप से अवगत कराएं।

यह रहे मौजूद

बैठक में एसडीएम विजय ¨सह, जिला आपदा प्रबंधन एवं राजस्व अधिकारी मनबीर सांगवान, डीडीपीओ हरि¨सह श्योराण, अधीक्षण अभियंता जगवीर मलिक, संदीप जैन, आर सी सोलखा,सीएमओ डा. रणदीप पूनिया, डीआइपीआरओ नीरज कुमार, कार्यकारी अभियंता वीएस मलिक, डीआइओ अमित बंसल, डिप्टी सीएमओ डा. सुभाष कार्यकारी अभियंता केएस पठानिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Posted By: Jagran