हिसार, जेएनएन। बिजली निगम ने उपभोक्ताओं को झटका दिया है। हर जगह चेक से पेमेंट करने पर मान्य होने वाले सिस्टम को बिजली निगम ने नकार दिया है। एक दिसंबर के बाद से निगम चेक से बिल नहीं भरवाएगा। यदि उपभोक्ता को बिल भरना है तो उसे कैश के अलावा ऑनलाइन, एनईएफटी या डीडी बनवाकर देना होगा। इस नए नियम का कारण चेक का बाउंस होना है। इसको लेकर निगम अधिकारियों ने आदेश जारी कर दिए हैं।

दक्षिण और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम में लोगों की तरफ से चेक से बिल की अदायगी काफी अधिक मात्रा मेंं की जाती है।

25 हजार से ऊपर की राशि निगम कैश में नहीं लेता। नोटबंदी के बाद बिजली निगम ने चेक के सिस्टम को ज्यादा प्रभावी बना दिया था। लोगों ने भी चेक से बिल अदायगी ज्यादा कर दी थी, लेकिन एनसीआर क्षेत्र और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के क्षेत्र में चेक बाउंस होने के ज्यादा मामले सामने आने के बाद अब बिजली निगम ने चेक लेने से मना कर दिया है। एक दिसंबर के बाद उपभोक्ताओं के लिए यह परेशानी का कारण बनेगी।

यह आती है दिक्कत

बिजली निगम में लोग चेक देने के साथ ही उसे भूल जाते हैं। उनके हिसाब से चेक से पैसा निकल जाता है लेकिन काफी बार साइन व कङ्क्षटग होने के कारण चेक बाउंस हो जाते हैं। इस समस्या के चलते कर्मचारियों की तरफ से उन उपभोक्ताओं को सूचित करने के बजाए अगले बिल में फाइन लगाकर भेज दिया जात है। इस पर उपभोक्ता बिल भरने की बात कहते हुए बिजली निगम अधिकारियों-कर्मचारियों से बहस करते हैं। इसी समस्या के चलते निगम ने यह फैसला लिया है।

हिसार शहर में एक लाख उपभोक्ता

हिसार शहर में बिजली के करीब एक लाख उपभोक्ता हैं। सिटी और सिविल लाइन सब डिविजन से करीब 45 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त होता है।

:::एक दिसंबर के बाद कोई भी चेक नहीं लिया जाएगा। 25 हजार से नीचे कैश से बिल भर सकते हैं। इससे ऊपर की राशि डीडी, एनईएफटी या ऑनलाइन बिल भर कर अदा की जा सकती है।

- सतीश कुमार, एक्सइएन, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम।

Posted By: Manoj Kumar

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