रोहतक, जागरण संवाददाता। रोहतक की कमल कालोनी में मायके में रह रही महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मायके पक्ष का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग दहेज को लेकर परेशान करते थे, जिस कारण वह मायके में रह रही थी। ससुरालियों से तंग आकर उसने यह कदम उठाया है। पुलिस ने पति सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस को दी गई शिकायत में मकड़ौली कलां गांव की रहने वाले मुन्नी पत्नी हंसराज ने बताया कि उसकी बेटी कामिनी की शादी करीब 11 साल पहले हिसार जिले के सोरखी गांव निवासी राजेश के साथ हुई थी। ससुराल पक्ष के लोग शुरूआत से ही दहेज की मांग को लेकर कामिनी के साथ मारपीट करते थे। इस वजह से कामिनी अक्सर मायके में ही रहती थी। करीब डेढ़ माह पहले मायकेे पक्ष के लोग कमल कालोनी में आकर किराये पर रहने लगे थे। कामिनी भी साथ में ही थी। शुक्रवार रात कामिनी घर पर अकेली थी। मायके पक्ष के लोग गांव में गए हुए थे। जब वह वापस लौटे तो कामिनी ने छत में लगे पंखे पर चुंन्नी के फंदे से लटकी हुई थी।

कोविड रिपोर्ट ना आने के कारण नहीं हो सका पोस्टमार्टम

पता चलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद आनन-फानन में उसे उपचार के लिए पीजीआइएमएस में लेकर पहुंचे। जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया। कोविड की रिपोर्ट नहीं आने के कारण शनिवार को भी शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। मायके पक्ष का आरोप है कि कामिनी ने अपने पति राजेश, सास पार्वती, नंनदोई बेदु और ननद से तंग आकर यह कदम उठाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

ससुराल वाले छीन ले गए थे तीनों बच्चे

शिकायतकर्ता मुन्नी ने बताया कि कामिनी के तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी स्वाति की उम्र दस साल है, जबकि उससे छोटे बेटे कुसाल और नमन है। कामिनी के ससुराल वाले तीनों बच्चों को भी छीनकर ले गए थे। इस वजह से कामिनी काफी परेशान रहती थी।

Edited By: Rajesh Kumar