झज्जर, प्रवेश चौहान। देश में जिस तेजी से इंटरनेट मीडिया बढ़ रहा है। उतनी ही रफ्तार से साइबर क्राइम के मामले भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में क्षेत्र की एक महिला 4 लाख से अधिक रुपये की ठगी का शिकार हो गई। बता दें कि कुछ मामले इनमें ऐसे होते हैं जो इंटरनेट मीडिया में किसी साइट के माध्यम से ऐप डाउनलोड करवाकर उसमें पैसे ट्रांजैक्शन करवाए जाते हैं और उस ऐप द्वारा बाद में पैसों को हड़प लिया जाता है।

वहीं, साइबर क्राइम के कुछ मामले ऐसे भी हैं जिनमें खाताधारक के अंगूठे के निशान की मदद से शातिर अकाउंट से पैसे निकाल लेते हैं। मामले का खुलासा तब होता है जब वह बैंक में जाकर अपनी पासबुक जमा कराते हैं और वहां से जानकारी मिलती है कि उनके अकाउंट से पैसे निकाले गए हैं। ऐसे दो मामले अभी तक सामने आ चुके हैं।

महिला से 4 लाख की ठगी

23 सितंबर को पुलिस को दी शिकायत में कलोई गांव निवासी महिला ने बताया कि वह नौकरी की कई दिनों से तलाश कर रही थी। इस दौरान उन्होंने गूगल पर पार्ट टाइम जाब सर्च किया। एक साइट खोलने के बाद उन्हें व्हाट्सएप पर हेलो का मैसेज आया और बताया कि वह रोजाना 8 हजार रूपये कमा सकती हैं। इस दौरान शातिरों ने कहा कि कि इसके लिए आपको आर्डर लेकर बेचने होंगे, जिसमें 30 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। पहले 600 रूपये की ट्रांजैक्शन करवाई। उसके बाद झांसे में रखते हुए 17 ट्रांजैक्शन और करवा ली। बाद में उनका सारा पैसा फ्रीज कर दिया। ऐसा होने से महिला 4 लाख 94 हजार रुपये की ठगी का शिकार हो गई।

देखा जाए तो साइबर थाना में जुलाई से लेकर सितंबर तक 9 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें से सात मामले आनलाइन धोखाधड़ी के हैं। जुलाई में 3, अगस्त में एक और सितंबर में कुल तीन धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। इन सातों मामलों में कुल 35 लाख 47 हजार 456 रुपये की धोखाधड़ी हुई है। पुलिस धोखाधड़ी के दो मामलों में सफलता के द्वार पर पहुंच गई है और एक अन्य मामले में आरोपित को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।

पांच मामलों में ऐप डाउनलोड करवाकर की लाखों की ठगी

साइबर थाने में दर्ज 5 मामले ऐसे हैं। जिनमें पीड़ितों को पहले ऐप डाउनलोड करके पैसे डालने को कहा। पैसा डलवाने के बाद शातिरों ने हड़प लिए। इन पांचों मामलों में 33 लाख 10 हजार 494 रुपये ठगे गए। पुलिस ने बताया कि इन मामलों को निपटाने में समय लगता है। सभी मामलों की फिलहाल जांच चल रही है।

यह दो मामले सुलझने के कगार पर

19 जुलाई को गांव जहाजगढ़ निवासी कृष्णा ने पुलिस को 1 लाख 20 हजार रूपये बैंक खाते से निकलने की जानकारी दी थी। साइबर थाना की पुलिस ने बताया कि पीड़ित महिला के पैसे वापस दिलवाने की प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी। पीड़ित महिला आधार कार्ड से पैसे निकलवाती थी। शातिरों ने महिला के अंगूठे के निशान की मदद से पैसे निकाल लिए। जल्द ही आरोपित भी पकड़ा जाएगा। 21 जुलाई को भी गांव जहाजगढ़ से ही एक ऐसा ही हुबहू मामला दर्ज किया गया था।

कब-कब साइबर क्राइम के मामले आए सामने

जुलाई में 3 लोग हुए साइबर फ्राड का शिकार, 4 लाख से ज्यादा का लगा चूना

  • 15 जुलाई को पुलिस को दी हुई शिकायत में आर्य नगर झज्जर निवासी उमेश कादयान पुत्र सत्यनारायण ने बताया था कि उन्हें मोबाइल पर एक नंबर से फोन आया और कहा कि वह एक आनलाइन साइट के माध्यम से कमीशन के तौर पर पैसा कमा सकते हैं। उन्हें रिचार्ज आप्शन पर जाकर पहले पैसे जमा कराने होंगे। उसके बाद कार्य सौंपा जाएगा। अगर कार्य निश्चित समय पर पूरा नहीं गया तो सारा पैसा फ्रीज कर दिया जाएगा। उसके बाद उन्होंने 2 लाख 11 हजार की ट्रांजैक्शन कर दी। उनका पूरा पैसा हड़प लिया गया।
  • 19 जुलाई को गांव जहाजगढ़ निवासी कृष्णा ने बताया था कि वह अपने बैंक में किसी काम से गई थी। इस दौरान उन्हें पता चला कि 15 जुलाई को 1 लाख 20 हजार निकाले गए हैं। उसके बाद उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस से की।
  • 21 जुलाई को रामकिशन पुत्र बहादुर सिंह जहाजगढ़ ने बताया था कि वह खेती-बाड़ी का कार्य करते हैं। उनके बैंक से 1 लाख 12 हजार 921 रूपये निकल गए, उन्हें पता भी नहीं चला। उसके बाद दूसरे बैंक खाते से भी 4 हजार 40 गायब मिले। फिर उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी।
  • अगस्त में साइबर क्राइम का आया एक मामला, 1 लाख से ज्यादा की हुई ठगी : 31 अगस्त को पुलिस को दी शिकायत में बहादुरगढ़ निवासी मंगतूराम पुत्र ज्ञानीराम ने बताया था कि उनके मोबाइल पर बिजली कनेक्शन कटने के नाम पर फर्जी मैसेज आया। जिसे उन्होंने सच मान लिया। इस दौरान शातिरों ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक ऐप डाउनलोड करवाया। बिजली बिल के रूप में 1 लाख 43 हजार 939 रूपये दे दिए। उसके बाद उन्हें पता चला कि सुबह साइबर क्राइम का शिकार हो गए। फिर मामले की शिकायत पुलिस को दी।
  • सितंबर में अभी तक आए तीन साइबर क्राइम के मामले, 29 लाख से ज्यादा की हुई ठगी : 10 सितंबर को बहादुरगढ़ निवासी रविंद्र कुमार पुत्र ओमप्रकाश ने बताया था कि उन्होंने एक आनलाइन साइट पर विज्ञापन देखा। उसके बाद ऐप को गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से डाउनलोड कर लिया। उन्होंने उस ऐप की अपने स्तर पर पूरी तसल्ली कर ली। उन्हें लगा कि ऐप द्वारा सरकारी नियमों का पालन किया गया है। जिस पर उन्होंने 8 बार आनलाइन ट्रांजैक्शन के माध्यम से 16 लाख 62 हजार 155 रुपये भेज दिए। उनका कहना था कि उसके बाद ना तो ऐप खुला और ना ही किसी प्रकार का लेन देन हुआ।
  • 14 सितंबर को पुलिस को दी शिकायत में बहादुरगढ़ के युवक ने बताया था कि वह डाटा सेंटर का बिजनेस करता है। इंटरनेट मीडिया के सहारे उसकी एक लड़की से दोस्ती हो गई। उस लड़की ने उससे एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा। झांसा दिया की ऐप के माध्यम से वह कम समय में लाखों रुपये कमा सकता है। उसने फिर उस ऐप को डाउनलोड करके उसमें 8 लाख की ट्रांजैक्शन की। उसके बाद ना तो ऐप खुला और ना ही पैसों की लेनदेन हुई।

यहां करें शिकायत

अगर आपके साथ कभी भी आनलाइन धोखाधड़ी होती है तो आप साइबर हेल्पलाईन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बता दें कि जुलाई 2022 को एडवांस साफ्टवेयर और एक्सपर्ट टेक्निकल स्टाफ के साथ, साइबर क्राइम पर कंट्रोल करने के साथ-साथ अनुसंधान के लिए साइबर थाने का शुभारंभ हुआ था। इस थाना में आनलाइन ठगी, हैकिंग, बैंकों से धोखाधड़ी, एटीएम पिन पूछकर फ्राड करना, आईटी एक्ट आदि अपराधों से निपटने के लिए पुलिस की विशेषज्ञ टीम तैनात की गई है। थाना में एसएचओ व अनुसंधान अधिकारियों सहित 15 पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

Edited By: Naveen Dalal

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