'जो होता है, अच्छे के लिए होता है...', 12 साल बाद जेल से लौटे रामपाल ने सत्संग में और क्या कहा?
12 साल बाद जेल से रिहा होकर 75 वर्षीय रामपाल सोनीपत के धनाना आश्रम पहुंचे। उन्होंने अपनी पहली संगत को ...और पढ़ें

12 साल बाद धनाना लौटे रामपाल ने किया सत्संग, अनुयायियों से कहा पुराना भूलो आगे बढ़ो
HighLights
रामपाल 12 साल बाद जेल से रिहा होकर धनाना पहुंचे
पहले सत्संग में कहा, "पुराना भूलो, आगे बढ़ो"
अदालत की शर्तों के कारण संगत सीमित रही
राहुल रापड़िया, हिसार। 12 साल का लंबा समय सलाखों के पीछे बीते दिन और फिर अपनी मिट्टी में लौटना। 75 वर्ष की उम्र, छह फीट तीन इंच का कद और सफेद कुर्ता-पायजामा पहने रामपाल जब धनाना पहुंचे, तो यह एक ठहराव के बाद फिर से शुरू होने जैसा क्षण था। गांव में कई एकड़ में बन रहे आश्रम जिसे उनका मुख्य केंद्र माना जा रहा है, में शुक्रवार रात करीब आठ बजे वह मंच पर आए और संगत से रूबरू हुए।
आश्रम में इस बार भीड़ नहीं थी। पहले ही संदेश देकर संगत को आने से रोका गया था और अदालत की शर्तों का पालन साफ दिखा। जो लोग पहुंचे, वे शांत बैठे रहे जैसे लंबे इंतजार के बाद सिर्फ सुनने आए हों। रामपाल की संगत के सदस्य एक-एक कर उन्हें दंडवत प्रणाम करते रहे। फिर वो एक मंच पर लगी कुर्सी पर बैठे। इस सत्संग का ऑनलाइन प्रसारण आश्रम अनुयायियों के लिए एक विशेष लिंक से किया गया।
संगत से बोले-पुराना भूलो, आगे बढ़ो
12 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद अपने पहले सत्संग में रामपाल ने पहली ही लाइन ये कही कि, 'जो होता है, अच्छे के लिए होता है, पुराना समय भूल जाओ।' फिर बोले, 'यह एक लड़ाई थी मेरी संगत जीत गई।' 'मैं आखिरी सांस तक जगत के भले के लिए काम करता रहूंगा।' उन्होंने यह भी कहा, 'आज मैं थोड़ा समय के लिए मंच पर आया हूं आगे खूब मिलेंगे।' उनके शब्द सीधे थे, लेकिन उनमें बीते समय की परतें साफ झलक रही थीं।
दो देश और छह राज्यों में आश्रम
हरियाणा: धनाना (सोनीपत), करौंथा (रोहतक), सतलोक (हिसार), सतलोक (कुरुक्षेत्र)
पंजाब: खमाणों (फतेहगढ़ साहिब), धुरी (संगरूर)
राजस्थान: सोजत (पाली)
मध्य प्रदेश: इंदौर, बैतूल
उत्तर प्रदेश: शामली
दिल्ली: मुंडका
नेपाल: जनकपुर
इन मामलों में सजा
- 2014 बरवाला आश्रम हिंसा: पांच महिलाओं और एक बच्चे की दम घुटने से मौत।
- 2018: हिसार कोर्ट ने हत्या (आईपीसी 302), गैरकानूनी बंदी (343) और साजिश (120बी) में दोषी ठहराकर आजीवन कारावास की सजा दी।
- 2025: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगाकर जमानत दी।
- आश्रम में हथियार जमा करने और दंगे जैसी धाराओं (आईपीसी 121, 124ए, आर्म्स एक्ट) में केस दर्ज
- गैरकानूनी गतिविधियां (यूएपीए) के तहत भी मामला चला
- 8 अप्रैल 2026: हाईकोर्ट से जमानत मिली।
बरवाला आश्रम अब भी सील, पुलिस पहरे में बंद संपत्ति
सतलोक आश्रम प्रकरण के बाद बरवाला क्षेत्र में स्थित दोनों आश्रम परिसरों की स्थिति अब भी यथावत है। चंडीगढ़ हाईवे और दौलतपुर मार्ग पर बने इन परिसरों को प्रशासन ने मामले के दौरान सील किया था और इन्हें केस से जोड़ते हुए जब्त श्रेणी में रखा गया। वर्तमान में दोनों स्थानों पर पुलिस की निगरानी बनी हुई है ।
रोहतक के आश्रमों की बदली तस्वीर रोहतक के करौंथा आश्रम में फिलहाल मरम्मत कार्य चल रहा है और वहां किसी कार्यक्रम की सूचना नहीं है। वहीं हिसार रोड स्थित सिंहपुरा का पूर्व स्टेट कार्यालय अब किराए पर देकर औद्योगिक उपयोग में लिया गया है, जहां फैक्ट्री संचालित हो रही है।
रोहतक के आश्रमों की बदली तस्वीर
रोहतक के करौंथा आश्रम में फिलहाल मरम्मत कार्य चल रहा है और वहां किसी कार्यक्रम की सूचना नहीं है। वहीं हिसार रोड स्थित सिंहपुरा का पूर्व स्टेट कार्यालय अब किराए पर देकर औद्योगिक उपयोग में लिया गया है, जहां फैक्ट्री संचालित हो रही है।
जेल से दूरी बनाकर जुटे अनुयायी
सतलोक आश्रम संचालक रामपाल की रिहाई के बाद जेल परिसर के बाहर गतिविधियां सीमित दायरे में रहीं। निर्धारित समय पर औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वह केंद्रीय कारागार-दो के छोटे गेट से बाहर आए और सीधे काफिले के साथ सोनीपत स्थित धनाना आश्रम के लिए रवाना हो गए। दोपहर बाद अदालत में जमानत से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें उनके पक्ष में जमानती पेश हुए।
जेल परिसर के आसपास सुबह से ही समर्थकों की मौजूदगी बनी रही, हालांकि उन्हें निर्धारित दूरी पर रखा गया। जैसे ही रिहाई का समय नजदीक आया, सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई। बैरिकेडिंग के बीच किसी को भी मुख्य द्वार के पास रुकने की अनुमति नहीं दी गई और समूह बनाकर खड़े होने पर तुरंत हटाया जाता रहा। रिहाई से कुछ समय पहले निर्धारित वाहन जेल के मुख्य द्वार के पास लगाए गए।
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