हिसार, जेएनएन। UPSC Civil Services Final Result 2019 यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन 2019 के फाइनल रिजल्‍ट यूपीएससी में हिसार के सेक्‍टर 14 निवासी अपराजित लोहान ने 174वां रैंक हासिल किया है। अपराजित की सफलता से घर में खुशी का माहौल है। अपराजित ने अपनी शुरुआती पढ़ाई हिसार में ही रहकर की है। वहीं उनकी हायर एजुकेशन आइआइटी बांबे से केमीकल इंजीनियरिंग में हुई है। अपराजित का परिवार मुख्‍य रूप से नारनौंद का रहने वाला है और उनके पिता सुरेश लौहान हिसार में अधिवक्‍ता हैं। मां कमला लोहान गृहणी हैं। वहीं बड़ी बहन अपराजिता डॉक्‍टर हैं।

अपराजित ने बताया कि बचपन से ही उनके पिता ने सिविल सर्विस के जरिए लोगों की सेवा करने का भाव मन में जागृत कर दिया था। तभी से मैंने ठान लिया था कि मुझे भी सिस्‍टम का हिस्‍सा बनकर लोगों की सेवा करनी है। बांबे से आइआइटी पासआउट होने के बाद मैनें 2018 में यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। जिसमें प्री और मेन्‍स टेस्‍ट की तैयारी ऑनलाइन माध्‍यम से ही की। अपराजित ने कहा कि बिना किसी कोचिंग के ही उन्‍होंने यह मुकाम हासिल किया है। वहीं साक्षात्‍कार में चयन होने के लिए उन्‍होंने उन वरिष्‍ठ अधिकारियों का आभार जताया जिन्‍होंने उन्‍हें साक्षात्‍कार की बारीकियों से अवगत करवाया था।

अपराजित ने बताया कि वे दिन में महज सात से आठ घंटे ही तैयारी करते थे। उनका मानना है तैयारी के लिए घर से अच्‍छा वातावरण कहीं भी नहीं हो सकता है। तैयारी के लिए ज्‍यादा पढ़ने की बजाय जो भी पढ़े उसे ध्‍यान से पढ़ने की जरुरत है। उन्‍होंने कहा कि एक ही सवाल और जवाब को आप एक हजार बार पढ़े, लेकिन एक हजार सवालों के उत्‍तर एक बार न पढ़ें। क्‍योंकि इससे किसी तरह का फायदा नहीं मिलता, बल्कि दिमाग में असमंजस की स्थि‍ति पनप जाती है।

हिसार डिविजन मंडल आयुक्‍त की बेटी देव्‍यानी ने हासिल किया 222 वां रैंक

वहीं हिसार के मंडल आयुक्‍त विनय सिंह की बेटी देवयानी ने यूपीएससी में 222 वां रैंक हासिल किया है। देवयानी इससे पहले राजस्‍थान के अलवर जिले में बतौर सीडीपीओ चाइल्‍ड डेवलेपमेंट प्रोटेक्‍शन ऑफिसर अपनी सेवाएं दे रहीं थी। इनकी शुरुआती पढ़ाई चंडीगढ़ में हुई। उसके बाद इन्‍होंने इलेक्‍ट्रोनिक्‍स एंड इंस्‍ट्रूमेंटल विषय से देश के बड़े संस्‍थान बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग की। इसके बाद इन्‍होंने सिविल सर्विस में जाने का मन बनाया। घर में पहले से ही इस स्‍ट्रीम में जाने का माहौल था।

देवयानी ने कहा कि उन्‍होंने इस बार चौथी बार प्रयास किया था। पिछले बार वे साक्षात्‍कार में आकर चूक गई थी। इन्‍होंने भी बिना कोचिंग के ही पढ़ाई की और सफलता हासिल की है। इनका कहना है कि यूपीएससी में लोग खुद की योजना बनाकर तैयारी करें, कमजोर कडि़यों को मजबूती में बदलें और उन पर काम करें। नौकरी के साथ साथ तैयारी करना मेरे लिए मुश्किल था, मगर मैनें समय प्रबंधन करके ये लक्ष्‍य पाया है। बार बार असफल होने का मतलब ये नहीं कि हम काबिल नहीं है, बल्कि हमें और काबिल बनने के लिए कई बार अतिरिक्‍त प्रयास करने पड़ते हैं।

इसके अलावा हिसार के फरीदपुर गांव निवासी IAS संदीप कुंडू ने इस बार 805वां रैंक हासिल किया है। वर्तमान में IAS संदीप कुंडू डिफेंस मिनिस्ट्री में बड़े पद पर कार्यरत हैं।  

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