जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़ : फैक्ट्रियों में डकैती की वारदात कर रहा उत्तर प्रदेश का गिरोह आखिरकार बहादुरगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। शनिवार की रात केएमपी के पास से पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पांच फरार हाे गए। मगर सभी की पहचान होने से अब वे बच नहीं पाएंगे। यह गिरोह फिर से यहां पर वारदात करने आया था। इनसे चार वारदात सुलझी हैं। गिरोह के काबू में आने के बाद पुलिस के साथ ही उद्यमियों ने भी राहत की सांस ली है। लगातार वारदातों ने पुलिस की नींद उड़ा रखी थी। डीएसपी राहुल देव ने बताया कि बहादुरगढ़ सीआइए प्रथम, द्वितीय और आसौदा थाना की संयुक्त टीम ने यह कामयाबी हासिल की है।

फिर से वारदात करने आए थे गिरोह के सदस्य, तब किया काबू :

डीएसपी ने बताया कि इस गिरोह के बारे में पुलिस को पहले ही इनपुट मिल गया था। इसीलिए चौकसी बरती जा रही थी। यह गिरोह उत्तर प्रदेश के बदायू जिले का है। शनिवार की रात फिर से इस गिरोह के किसी फैक्ट्री में वारदात के लिए आने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस की संयुक्त टीम ने केएमपी एक्सप्रेस वे के पास नाकाबंदी की थी। यहां से गिरोह के जो दो सदस्य काबू आए, उनमें बदायू के इस्लाम नगर के रहने वाले अनीश और सलमान शामिल हैं। इनके पांच साथी भाग निकले। उन सभी के नाम व पते मिल गए हैं। जल्द ही वे भी काबू किए जाएंगे।

रिमांड पर लेकर हो रही पूछताछ :

दोनों आरोपितों को पुलिस ने अदालत से दो दिन के रिमांड पर लिया है। इनसे वारदात में प्रयुक्त हथियार व गाड़ी के अलावा लूटा गया माल भी बरामद करना है। साथ ही बहादुरगढ़ के अलावा किसी और एरिया में भी वारदात की है या नहीं, इसके बारे में भी पूछताछ की जा रही है। सोनीपत में भी इस तरह की कई वारदात हुई है। ऐसे में वहां पर इसी गिरोह का हाथ रहा है या फिर कोई दूसरा गिरोह सक्रिय है, इसका पता लगाया जा रहा है। बहादुरगढ़ एरिया में इस गिरेाह द्वारा अंजाम दी गई चार वारदात सुलझी हैं। इनमें से दो टांडाहेड़ी रास्ते पर, एक रोहद एरिया में और एक गणपति औद्योगिक क्षेत्र में शामिल है। हालांकि सूर्या नगर की एक फैक्ट्री में भी लूटपाट की कोशिश हुई थी, मगर वहां से बदमाश ज्यादा कुछ नहीं ले जा पाए थे।

बहादुरगढ़ में किराये पर रहते थे, दिल्ली के कबाड़ियों को बेचते थे लूट का माल :

डीएसपी ने बताया कि बहादुरगढ़ में इस गिरोह के सदस्यों ने सैनिक नगर में कमरे किराये पर ले रखे थे। शहर में ही एक जगह लूट का माल इकट्ठा करने का अड्डा भी बना रखा था। दिन में यह गिराेह एरिया में घूमकर फैक्ट्रियों की रैकी करता था। रात को पहले एक सदस्य फैक्ट्री में घुसता। फिर इशारा पाकर बाकी वहां पर धावा बोल देते थे। सबसे पहले गार्ड को काबू किया जाता। उसे बंधक बनाने के बाद ये डीवीआर को उखाड़ते और तब लूट चालू करते। आमतौर पर ये फैक्ट्रियों में लगे ट्रांसफार्मरों से तांबे की क्वाइल निकालते थे। इसके अलावा फैक्ट्रियों में जो दूसरा सामान मिलता, उसे भी गाड़ी में भरकर ले जाते। दिल्ली के कबाड़ियों को इन्होंने तांबे व लाेहे का लूटा हुआ माल बेचा है। हर वारदात में ये चार से पांच घंटे लगाते थे। ट्रांसफार्मर से निकाली गई क्वाइल आसानी से बिक जाती हैं, इसलिए ये उन्हें निशाना बनाते थे।

फैक्ट्रियों में अलार्म व डायल 112 एप के प्रयोग की हिदायत :

डीएसपी राहुल देव ने बताया कि इन वारदातों के बाद सभी फैक्ट्री मालिकाें को हिदायत दी गई है कि वे अलार्म सिस्टम लगाएं, ताकि किसी भी हरकत पर चौकीदार यदि अलार्म बजाए तो आसपास के एरिया में पता लग जाए। दूसरा डायल 112 एप को डाउनलोड करवाएं। उसके इस्तेमाल से पुलिस तक सूचना तत्काल पहुंचेगी और फिर पुलिस उस मौके पर जल्द पहुंचेगी।

Edited By: Manoj Kumar