जागरण संवाददाता,झज्जर : प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के पास अपनी फसलों का बीमा करवाने के लिए 31 दिसंबर तक का ही समय है। इसके बाद पोर्टल बंद हो जाएगा और किसान बीमा नहीं करवा पाएंगे। इसलिए किसानों को पहले ही फसलों का बीमा करवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। ताकि फसलों में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा मिल सके। फिलहाल सरकार लगभग बीमा करवाने वालों को ही फसलों में नुकसान होने पर मुआवजा देती है। इसलिए बीमा करवाने वाले किसानों की संख्या में भी इजाफा देखा जा रहा है। ऐसे में इच्छुक किसानों के पास अब केवल एक पखवाड़े का ही समय शेष बचा हुआ है।

जो किसान बीमा करवाना चाहते हैं उनमें से ऋणी किसानों को बैंक में जाकर सूचना देनी हागी। ऋणी किसान अपने खेत में बिजाई की गई फसल की बैंक में जाकर जरूर सूचना दें और उसी का बीमा करवाएं। गैर-ऋणी किसान निकटतम बैंक शाखा, सहकारी समिति, अधिकृत चैनल पार्टनर, सीएससी, बीमा कंपनी तथा उनके अधिकृत एजेंट से करवा सकता है। बैंकों के पास भी ऋणी किसानों की फसलों का बीमा काटने का 31 दिसंबर तक का समय है। वहीं जिन किसानों को अपनी फसलों को बदलवाना है तो उन्हें भी 24 दिसंबर तक इसकी जानकारी देनी होगी। वहीं बैंकों द्वारा 15 जनवरी तक पोर्टल पर डाटा अपलोड करना पड़ेगा।

फसलों में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए बीमा करवाना आवश्यक हो गया। जो किसान फसलों का बीमा करवाते हैं, उन्हें नुकसान होने पर मुआवजा दिया जाता है। बीमा में खड़ी फसल में ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटने और आकाशीय बिजली से उत्पन्न आग से क्षति को शामिल किया गया है। साथ ही फसल कटाई के बाद फसलों में क्षति लाभ भी दिया जाता है। फसल कटाई के बाद 14 दिनों तक खेत में सुखाई के लिए रखी फसल में ओलावृष्टि, चक्रवात, बेमौसम व चक्रवाती वर्षा से क्षति पूर्ति की जाएगी।

यह रहेगा प्रति एकड़ प्रीमियम

फसल का नाम किसान का प्रीमियम बीमित राशि

गेहूं 409.50 रुपये 27300.12 रुपये

जौ 267.75 रुपये 17849.89 रुपये

सरसों 275.63 रुपये 18375.17 रुपये

चना 204.75 रुपये 13650.06 रुपये

सूरजमुखी 267.75 रुपये 17849.89 रुपये

ये दस्तावेज होंगे आवश्यक

-आधार कार्ड

-बैंक खाता संख्या

-भूमि एवं फसल बुआई संबंधित दस्तावेज

-डीडीए इंद्र सिंह ने कहा कि सभी किसान अपनी फसलों का बीमा जरूर करवाएं। इसके लिए 31 दिसंबर अंतिम तिथि है। इसलिए अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द बीमा करवाना चाहिए। ताकि फसल में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा मिल सके।

Edited By: Manoj Kumar