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टिकरी बॉर्डर सामूहिक दुष्कर्म केस: पुलिस को सौंपा गया पीड़िता का मोबाइल, फोरेंसिक जांच से खुलेंगे राज

पीड़िता के पिता के एक परिचित यह मोबाइल लेकर पुलिस के पास पहुंचे। मोबाइल में बहुत से राज हैं जो छेड़छाड़ से ज्यादा बहुत कुछ आपत्तिजनक होने की गवाही दे रहे हैं। पुलिस ने अभी कोई खुलासा नहीं है। पहले इस मोबाइल को फोरेंसिंक जांच के लिए भेजा जाएगा।

By Manoj KumarEdited By: Published: Thu, 13 May 2021 03:49 PM (IST)Updated: Thu, 13 May 2021 05:38 PM (IST)
टिकरी बॉर्डर पर पश्चिम बंगाल की युवती से दुष्‍कर्म और मौत मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है

बहादुरगढ़, जेएनएन। बंगाल से टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन में आई 25 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में अब तक दबे रहे तथ्य एक-एक करके सामने आ रहे हैं। वीरवार को पीड़िता का मोबाइल भी पुलिस को सौंपा गया। पीड़िता के पिता के एक परिचित यह मोबाइल लेकर पुलिस के पास पहुंचे।

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मोबाइल में बहुत से राज हैं, जो छेड़छाड़ से ज्यादा बहुत कुछ आपत्तिजनक होने की गवाही दे रहे हैं। पुलिस ने अभी कोई खुलासा नहीं है। पहले इस मोबाइल को फोरेंसिंक जांच के लिए भेजा जाएगा। उसमें यह भी साफ होगा कि पीड़ित युवती की आरोपितों से मुलाकात से लेकर उसके टीकरी पर आने और मौत हो जाने तक उसके मोबाइल से डेटा डिलीट तो नहीं किया गया है।

10 मई को पुलिस ने की मोबाइल सौंपने की बात, परिचित के जरिये भिजवाया :

8 मई को पुलिस ने इस मामले में एफआइआर दर्ज की थी। 10 को पीड़िता के पिता से उसका मोबाइल सौंपने की बात कही थी। मगर वे बंगाल चले गए। इस बीच जब मोबाइल को लेकर सवाल उठा तो पीड़िता के पिता के एक परिचित यह मोबाइल पुलिस को सौंपने के लिए आए।  

बताया जा रहा है कि मोबाइल में जो चैट, फोटो, वीडियो और दूसरी चीजें हैं, वे इस मामले में पुलिस के लिए एक पुख्ता सुबूत हैं। इससे यह बात भी एक तरह से स्प्ष्ट हो रही है कि युवती के साथ छेड़छाड़ से बहुत कुछ ज्यादा हुआ था। यही बात दो दिन पहले योगेंद्र यादव ने भी कही थी।

जिसने तथ्यों को छिपाया, उनकी भूमिका संदिग्ध :

पुलिस की ओर से दर्ज एफआइआर में छह आरोपित हैं। कई दिनों से अब यह मसला उठा है कि पीड़िता के पिता ने दो के खिलाफ शिकायत दी थी, मगर पुलिस ये साफ कर चुकी है कि पीड़िता सभी छह आरोपितों के साथ आई थी। उसके साथ जो हुआ, उसमें किसकी क्या भूमिका रही यह जांच का विषय है। वैसे भी अब पूछताछ में जो बातें सामने आ रही हैं, उससे यह तो साफ है कि आंदोलन से जुड़े बहुत से लोगों को इस मामले का पता था। जहां तक आरोपितों में से कुछ की भूमिका का सवाल है तो जिसने भी तथ्यों को छिपाया, उसने गलत तो किया ही है।

...पीड़िता का मोबाइल पुलिस को अब मिला है। इसकी फोरेंसिक जांच करवाई जाएंगी। उसमें ही सभी चीजें साफ होगी। जिन लोगों का भी नाम सामने आएगा, उन सभी से पूछताछ होगी।

--पवन कुमार, डीएसपी एवं एसआइटी इंचार्ज, बहादुरगढ़


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