हिसार, जेएनएन। जब चोरी करनी है तो करनी है, चाहे वो आम आदमी के घर में हो या शहर के मुखिया के ऑफिस में। ये हम नहीं बल्कि शहर में चोरों का संदेश है। क्‍योंकि ऐसा ही चोरों ने साबित कर दिखाया है और जिले के आला अधिकारियों के कार्यालय भी अब सुरक्षित नहीं है। चोर उपायुक्त के कमरे के सामने बने वीडियो कॉन्फ्रेंस (वीसी) रूम से लैपटॉप चुरा कर ले गए। डेढ़ माह तक उपायुक्त कार्यालय, नेशनल इंफोरमेशन सेंटर (एनआइसी) के अधिकारी लैपटॉप की तलाश करने के लिए कैमरे देखते रहे।

अधिकारी-कर्मचारियों से पूछताछ करते रहे, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। अब डेढ़ माह चुप्पी साधने के बाद लैपटॉप चोरी का मुकदमा दर्ज करवाया गया है। चोरी की घटना भी तब हुई जब पूर्व उपायुक्त अशोक कुमार मीणा की कॉन्फ्रेंस रूम में विदाई पार्टी थी। अब प्रशासन लघु सचिवालय में ऐसे प्वाइंट तलाश कर 16 कैमरे लगवाने की तैयारी में है, जहां से कोई भी तीसरी आंख से बच कर सचिवालय में नहीं जा सकता। लघु सचिवालय स्थित पहली मंजिल पर उपायुक्त कार्यालय बना है।

उपायुक्त के कमरे के सामने ही वीसी रूम बनाया गया ताकि अधिकारियों की बैठक, चंडीगढ़ में बैठे अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक की जा सके। इस कॉन्फ्रेंस कक्ष में उपायुक्त हिसार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकाधी सभी को प्रेजेंटेशन दिखाते हैं। दिसंबर में पूर्व डीसी अशोक कुमार मीणा की जिले से ट्रांसफर के बाद 31 दिसंबर 2019 को विदाई पार्टी की गई। इसमें सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी सहित शहर के लोग मौजूद थे। एक जनवरी को आकर कॉन्फ्रेंस रूम को संभाला।

अधिकारियों ने देखा कि उस कॉन्फ्रेंस रूम से लैपटॉप ही गायब है। वे एक- दूसरे से लैपटॉप के बारे में पूछने लगे। उसके बाद कैमरे देखने का सिलसिला शुरू हुआ। अधिकारियों व आए लोगों से पूछताछ की लेकिन लैपटॉप का पता नहीं चला। इसी दौरान आईं नई उपायुक्त डा. प्रियंका सोनी की जानकारी में भी मामला लाया गया। डेढ़ माह तक चोर की अपने स्तर पर तलाश करने के बाद जब चोर का पता नहीं चला तो नेशनल इंफोरमेशन सेंटर (एनआइसी) के नेटवर्क इंजीनियर एस कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज करवाया गया है।

हर समय रहती है पुलिस

जिले के प्रथम अधिकारी डीसी के कार्यालय में हर समय पुलिस कर्मचारियों की नियुक्ति रहती है। दूसरी मंजिल पर ही पुलिस अधीक्षक का कार्यालय है। उनके होते हुए चोरी की घटना ने सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही डीसी की ही विदाई पार्टी से चोरी होना भी सभी की निगरानी और सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर रहा है।

अब जागा प्रशासन 16 जगह चिह्नित

चोरी की घटना के बाद हर कैमरे की जांच हुई। लघु सचिवालय में कई ऐसे प्वाइंट मिले, जहां से लोग आराम से आ जा सकते हैं। लेकिन उनको देखने के लिए आस-पास तीसरी आंख भी नहीं है। अधिकारियों ने अब कॉन्फ्रेंस रूम के साथ उन सभी स्थानों पर कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। टेक्निकल ¨वग ने कैमरे लगाने के लिए फाइल को उच्च अधिकारियों के पास भेजा है। इसमें 16 कैमरे लगाने की मांग की गई है। उसके बाद उनको उम्मीद है सचिवालय का हर प्वाइंट कैमरे की निगरानी में होगा।

---- मेरे आने से पहले का मामला है। जानकारी में आते ही प्राइमरी जांच करवाई। जब स्पष्ट हो गया कि वास्तव में लैपटॉप चोरी हुआ है तो अधिकारियों को मामला दर्ज करवाने के आदेश दिए। यह संगीन मामला है।

- डा. प्रियंका सोनी, उपायुक्त, हिसार।

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