जागरण संवाददाता, रोहतक : टीबी उल्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पूरा जोर लगाया हुआ है। विभाग ने इस साल में अब तक 3425 ऐसे लोग ढूंढे हैं, जिन्हें टीबी की बीमारी है। विभाग की ओर से इन मरीजों को निशुल्क दवा उपलब्ध करवाई जा रही है। वहीं साल 2020 में टीबी के 4512 मरीज मिले थे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से टोल फ्री नंबर भी जारी किया जा चुका है। जिस पर टीबी मरीज की जानकारी दी जा सकती है। विभाग की ओर से सूचना देने के लिए 0120-6215600 तथा टोल फ्री नंबर 1800-11-6666 पर कोई भी व्यक्ति टीबी से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार देश भर में टीबी के प्रति वर्ष 27 से 28 लाख मरीज पाए जाते हैं, जिनमें से लगभग साढे चार लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है।

चल रहा है स्पेशल अभियान

टीबी के रोगियों को अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सितंबर-अक्टूबर माह में विशेष टीबी अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत भारत सरकार ने 2025 तक पूरे देश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम चयनित स्थानों पर घर-घर जाकर संभावित टीबी रोगियों को चिह्नित करने का कार्य कर रही है, ताकि उनका समुचित उपचार हो सके। सर्वे के दौरान जिस भी घर में किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, भूख कम लगना, लगातार वजन में गिरावट तथा बलगम में खून आदि लक्षण मिलेंगे उन्हें संभावित टीबी रोगी मानते हुए चिह्नित किया जाएगा।

रोगी का उपचार सभी संस्थानों पर नि:शुल्क

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी रोगी का उपचार समस्त राजकीय चिकित्सा संस्थानों पर नि:शुल्क उपलब्ध है, जिसमें रोगी को नि:शुल्क दवा के साथ निक्षय पोषण योजना के तहत सभी रजिस्टर रोगियों को उपचार अवधि तक प्रतिमाह 500 रुपए की पोषण राशि भी दी जा रही है। पौष्टिक आहार भत्ता सीधा संबंधित मरीज के बैंक खाते में जाता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि टीबी मरीज को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने वाले व्यक्ति को 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि की जाती है।

Edited By: Manoj Kumar