हिसार, जेएनएन। तब्लीगी जमात से आने के शक में स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को शहर व गांवों में कई जगहों पर छापेमारी की। देर रात भी स्वास्थ्य विभाग टीम ने सर्विलांस जारी रखा और विभिन्न जगहों से करीब 7 लोगों को काबू कर इनके हिस्ट्री जांची।

स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को तब्लीगी जमात में शामिल होने के शक में चार लोगों को काबू कर उनके सैंपल जांच के लिए भेजे। वहीं गुरुवार को भी 6 लोगों को काबू कर उनकी हिस्ट्री जांची गई थी। शुक्रवार को तब्लीगी जमात में शामिल होने के शक में पकड़े गए लोगों के साथ कुल आठ सैंपल जांच के लिए भेजे गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को विभिन्न गांवों से सूचना मिलने पर मंगाली, न्याणा, किरमारा, मिल्कपुर, भैणी अमीपरपुर सहित रेलवे स्टेशन से देर रात एक व्यक्ति को काबू कर इनकी हिस्ट्री जांची।

निजामुद्दीन से आए चार को होम क्वारंटाइन किया, दो के सैंपल लिए 

गुरुवार को काबू किए गए 6 लोगों के बारे में स्वास्थ्य विभाग ने उनकी हिस्ट्री जांची। जिनमें से दो लोगों के 30 मार्च और 20 मार्च को निजामुद्दीन से आने का पता लगा। इन लोगों को होम क्वारंटाइन किया गया। वहीं एक अप्रैल को निजामुद्दीन से आने पर दो लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए। साथ ही उन्हें आइसोलेशन सेंटर में दाखिल किया गया है। साथ ही एक अप्रैल को ही निजामुद्दीन से आए दो लोगों को क्वारंटाइन किया गया है। उल्लेखनीय है कि अब तक हिसार जिले में एक महिला पॉजिटिव मिली थी, जिसकी दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आई।

पॉजिटिव महिला के संपर्क में आई तीन स्‍टाफ नर्स

वहीं सिविल अस्पताल प्रशासन की ओर से शहर की सेक्टर निवासी 59 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव महिला के संपर्क में आई तीन स्टाफ नर्स को गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में क्वारंटाइन किया गया है। यह स्टाफ नर्से आइसोलेशन वार्ड में तैनात थी।

जमात से आए लोगों को करवानी चाहिए जांच

जीव वैज्ञानिक डा. रमेश पूनिया ने अपील की है कि जो भी लोग निजामुद्दीन से जमात में शामिल होकर आए हैं, उन लोगों का अपने आप अस्पताल में आकर जांच करवानी चाहिए। क्योंकि यह सभी के लिए अच्छा रहेगा और कोरोना वायरस को रोका जा सकेगा।

जांच के लिए 13 टीमें गठित

शेल्टर होम में रह रहे लोगों की थर्मल स्कैनिंग करने व उनमें कोरोना के लक्षण जानने के लिए सिविल अस्पताल प्रशासन ने 13 मोबाइल टीमें गठित की हैं। इन मोबाइल टीमों में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ काउंसलर और खेल विभाग से कोच शामिल रहेंगे। यह टीमें कोरेाना से बचाव के लिए शेल्टर होम में रह रहे लोगों में लक्षणों को जाचेंगे।

तीन मोबाइल टीमें

वहीं सिविल अस्पताल प्रशासन ने तीन मोबाइल टीमें वृद्धाश्रम, विधवाश्रम व स्लम एरिया में रह रहे लोगों के लिए भी निर्धारित की हैं। यह टीमें उपरोक्त जगहों पर जाकर लोगों के मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य की जांच करेगी। यहां रह रहे लोगों की थर्मल स्कैनिंग के जरिये इनमें कोरोना के लक्षणों की भी जांच होगी।

गंभीर और असहाय मरीजों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

सिविल अस्पताल प्रशासन ने गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्ग लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। सिविल अस्पताल में पहुंचने में असमर्थ और बुजुर्ग लोग इस नंबर पर फोन करके ओपीडी के बारे में परामर्श ले सकेंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर एंबुलेंस बुला सकेंगे। बुजुर्ग मरीजों के इलाज के लिए आ रही समस्याओं को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने यह हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। कोरोना वायरस के महामारी घोषित होने के बाद लॉकडाउन के चलते अस्पताल में ज्यादातर खांसी, जुखाम, बुखार के मरीज जांच के लिए आते हैं। वहीं अस्पताल में कई बीमारियों की ओपीडी बंद की जा चुकी है। ऐसे में जो व्यक्ति व बुजुर्ग चलने में असमर्थ हैं, वह हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर अपना उपचार करवा सकेंगे।

सीएमओ डा. योगेश ने बताया कि अग्रोहा मेडिकल कॉलेज और सिविल अस्पताल को कोविड-19 अस्पताल के लिए प्राथमिकता पर रखा गया है। इसके अलावा जिंदल अस्पताल सहित जिले के अन्य निजी अस्पतालों में भी दी जा रही सुविधाओं के तहत कोविड-19 में शामिल किया जा रहा है। अगर कोई अस्पताल सुविधाओं से लैस है तो उसे भी प्राथमिकता पर रखा जाएगा।

Posted By: Anurag Shukla

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