जागरण संवाददाता, हिसार। जिले के किसी भी आरोही माडल स्कूल में हास्टल की सुविधा शुरू नहीं हुई है। अप्रैल माह से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो गया था। विद्यार्थियों की क्लासें भी लगना शुरू है। मगर अभी तक स्कूलों में हास्टल नहीं खुले है। इस वजह से छात्राएं परेशान है। पिछले दो साल से स्कूलों में हास्टल बंद है। समग्र शिक्षा विभाग की गलती का विद्यार्थी खामियाजा भुगतने को मजबूर है।

समग्र शिक्षा विभाग ने पहले जो टेंडर लगाया था, उसमें कई खामियां थी। उस पर एडीसी ने रोक लगा दी थी। अब दोबारा से टेंडर लगाया है। अभिभावक बोले कि कोविड में स्कूल बंद थे तो घर पर ही पढ़ाई हो रही थी। अब कोविड खत्म हो गया है और स्कूल खुल गए है। मगर अभी तक स्कूलों में हास्टल नहीं खुले है। बच्चों के अभिभावक भी बार-बार स्कूल स्टाफ से पूछते है कि हास्टल कब शुरू होंगे।

मगर इसका कोई जवाब नहीं देता। यहीं कहते है टेंडर लगा दिया है। जल्द सामान आने वाला है। इसलिए उनको बच्चों के साथ स्कूल में छोड़ने के लिए आना-जाना पड़ता है, स्कूल से 60 से 70 किलोमीटर की दूरी है। डेढ़ माह से बच्चे स्कूल जा रहे है। हर रोज का 100 से 150 रुपये किराया लगता है। इसके चलते कुछ बच्चे स्कूल जा नहीं पाते है। इसकी कोई सुध नहीं ले रहा।

इन स्कूलों में शुरू होगी हास्टल सुविधा

भिवानी राेहिल्ला, मुगलपुरा, गैबीपुर व खेड़ी लोहचब गांव में स्थित आरोही माडल सीनियर सेकेंडरी में हास्टल की सुविधा शुरू होगी। बजट न होने से हास्टल बंद रहेंगे।

स्टाफ नियुक्ति के लिए भेजा पत्र

अग्रोहा व घिराय के आरोही माडल स्कूल में हास्टल नहीं खुलेंगे, क्योंकि इन स्कूलों में कुक, असिस्टेंट कुक व वार्ड नहीं है। इनमें नियुक्त के लिए समग्र शिक्षा विभाग ने पत्र भेजा हुआ है। जल्द ही नियुक्ति होगी। इसके बाद हास्टल शुरू होंगे।

प्रति बच्चे को दो हजार मिलते है

समग्र शिक्षा विभाग की ओर से चार स्कूलों को 39.20 लाख रुपये का बजट जारी होना है। इसके अनुसार हास्टल में रहने वाले प्रति बच्चे को 2 हजार रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। साल में दो से तीन माह की छुट्टी होती है।

Edited By: Manoj Kumar