अशोक ढिकाव, भिवानी : अपनी जान दाव पर लगा कर कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग की सफेदपोश सेना के सिपाही तैयार हैं, लेकिन लगातार चिकित्सा स्टाफ पाजिटिव आने से विभाग व सरकार दोनों की चिंताए बढ़ रही हैं। अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुरक्षा कवच के हिसाब से इन योद्धाओं के सर्वप्रथम बचाव के लिए पीपीइ किट, एन-95 मास्क व अन्य जरूरी सामान का बड़े पैमाने पर प्रबंध किया जा रहा हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग की तैयारी पर नजर डाले तो विभाग के पास 851 पीपीइ किट, 1655 एन-95 मास्क, व ट्रिपल लेयर के 14 हजार 550 मास्क हैं, जो कि स्टाफ सदस्यों के लिए बेहद जरूरी हैं।

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जिला भिवानी की बात करे तो अब तक विभाग के 30 से अधिक स्टाफ सदस्य कोरोना संक्रमण से ग्रस्त हो चुकी हैं।ऐसे में विभाग के पास स्टाफ की कमी हो रही है। अब स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्टाफ सदस्यों हेल्थ वर्कर,

फ्रंट लाइन के बचाव के लिए पूरी तैयारी की हैं। विभाग पीपीइ किट, मास्क, सेनिटाइजर, थर्मल स्केनर, आरडीटी का विशेष प्रबंध कर रहा हैं। कोविड-19 गाइडलाइन के तहत चिकित्सा स्टाफ के लिए इनका प्रयोग करना आवश्यक हैं।

जिले में करीब तीन हजार से अधिक का हेल्थ स्टाफ हैं। चिकित्सा स्टाफ पर सबसे अधिक कोरोना खतरा मंडराता रहता हैं। जिसे देखते हुए उनके बचाव के लिए प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें कोरोना महामारी से बचा कर आमजन की जान बचाने का कार्य किया जा सके।

जिले में उपलब्ध चिकित्सा साजों सामान की स्थिति

पीपीइ किट ---851

एन-95 मास्क -- 1655

वीटीएम -- 1000

दस्ताने --- 16425

ट्रिपल लेयर मासक : 14550

हेंड सैनिटाइज (500 एमएल) बोतल : 99

थर्मल स्केनर छोटे --- 177

आडीटी किट-- 850

---हेल्थ स्टाफ को सबसे पहले अपने बचाव के लिए पूरी तरह से सचेत व सावधान किया जा रहा हैं। उनके बचाव के लिए हेल्थ सेफ्टी का हर सामान उपलब्ध करवाया जा रहा हैं, ताकि उन्हें कोरोना से बचाया जा सके और कोरोनी की तीसरी लहर में लोगों की वह निडर होकर सेवा कर सके।

-- डा. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन जिला भिवानी --

Edited By: Manoj Kumar