हिसार, जेएनएन। हिसार में सिरसा रोड पर पुरानी चुंगी के पास गोयल ब्रदर्स पेट्रोल पंप पर हुए हमले में हमलावर घटना के चार दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्तार से बाहर है। पुलिस इस मामले में हालांकि गहनता से जांच कर रही है। लेकिन अभी तक आरोपित का पता नहीं लग पाया है। जबकि इस मामले में मैनेजर की मौत के बाद घायल बृजेश की भी मौत हो चुकी है। वहीं चूड़ामणि अस्पताल में दाखिल घायल घनश्याम की हालत में पहले से सुधार है हालांकि अभी घटना बारे बता नहीं पा रहा। गौरतलब है कि वीरवार रात 2.30 बजे गोयल ब्रदर्स पेट्रोल पंप पर एक अज्ञात हमलावर ने तीन कर्मियों पर हथौड़े से वार किए थे।

जिसमें पंप मैनेजर राजस्थान के झरडिय़ा निवासी 48 वर्षीय हनुमान की मौके पर मौत हो गई थी। वहीं पेट्रोल पंप पर प्रदूषण जांच केंद्र में ऑपरेटर उतर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के गांव बेलखरा अहरीर निवासी 24 वर्षीय बृजेश व राजस्थान के चुरु जिले के साखु गांव निवासी 31 वर्षीय सेल्समैन घनश्याम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों को शहर के चूड़ामणि अस्पताल के आइसीयू में दाखिल करवाया गया था, जहां रविवार सुबह 7.30 बजे के करीब उपचार के दौरान बृजेश ने भी दम तोड़ दिया था। पंप कर्मियों की हत्या मामले में एसपी ने एसआइटी गठित की है। जिसमें एएसपी, डीएसपी शामिल हैं। पंप कर्मियों की हत्या मामले में नशा करने वाले  कई लोगों को रडार पर लिया जाएगा।

सभी पेट्रोल पंप पर एक कर्मचारी दे पहरा -

एसपी बलवान ङ्क्षसह राणा ने कहा कि पंप पर कर्मियों पर हमला करने वाला एक साइको किस्म का इंसान है। ऐसे लोग नशे की पूर्ति के लिए या लूट के इरादे से ये काम नहीं करते। बल्कि वे इन काम को इसलिए करते हैं क्योंकि ये इंसान को अपना दुश्मन समझते हैं। एसपी ने कहा कि पंप संचालकों को पंप एसोसिएशन के प्रधान के माध्यम से कहा गया है कि सभी पेट्रोल पंप पर रात के समय सभी कर्मी एक साथ मत सोएं। इस दौरान एक कर्मचारी को पहना देना चाहिए।

अपराधी को जल्द पकडऩा जरूरी, नहीं तो दोबारा वारदात का डर

अगस्त महीने में 27 अगस्त को बगला रोड पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर रात के 2.30 से 3 बजे के बीच इसी तरह की वारदात हुई थी।  पुलिस उस वारदात को इस घटना से जोड़कर चल रही है। एसपी का कहना है कि अगर उस वारदात को गंभीरता से लिया जाता तो शायद ये वारदात नहीं होती। वहीं उन्होंने ये भी बताया कि आरोपित पढ़ा-लिखा है, क्योंकि आरोपित ने वारदात को अंजाम देने के लिए रेनकोट जैसी पोशाक का इस्तेमाल किया। जिस पर खून के निशान धोने के बाद बिल्कुल भी नहीं रहते। अन्य कपड़े पर निशान रह जाते हैं। एसपी ने कहा कि इस आरोपित को जल्द गिरफ्तार करना जरूरी है। क्योंकि साइको किस्म का यह आरोपित पिछली दो घटनाओं को देखें तो 25 से 28 दिन में दोबारा किसी वारदात को अंजाम दे सकता है। एसपी ने बताया कि नारनौंद पुलिस ने भी करीब डेढ़ साल पहले  ऐसा ही एक आरोपित गिरफ्तार किया था जो कई ट्रक चालकों की हत्या कर चुका था।

---मामले में अभी आरोपित गिरफ्त से बाहर है, उसे लगातार ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है।

-इंस्पेक्टर मनोज, सदर थाना इंचार्ज

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