जागरण संवाददाता, हिसार: सूर्य नगर निवासी एक महिला ने अस्पताल जाने के भय से अपनी जीवनलीला ही समाप्त कर ली। इस महिला का पति उसे कहता रहा कि अस्पताल में डाक्टर से चेक करवा लेते हैं, लेकिन महिला को टीके और अस्पताल जाने का इतना डर था कि उसने अस्पताल ना जाकर मौत को गले लगा लिया। शनिवार सुबह इस महिला का शव सूर्य नगर क्षेत्र में नाले के नजदीक एक शहतूत के पेड़ पर संदिग्ध परिस्थितियों में लटका मिला। इस दौरान महिला के शव को देख वहां आने जाने वालों की भीड़ लग गई। मौके पर महिला की पहचान होने पर उसके घरवालों और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतका की पहचान बिहार के जिला सिवान और हाल सूर्य नगर निवासी करीब 30 वर्षीय ममता के रूप में हुई। सूचना मिलने पर एएसपी उपासना, मिलगेट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखजीत, सूर्य नगर चौकी प्रभारी एएसआइ वेद प्रकाश और सीन ऑफ क्राइम टीम मौके पर पहुंची। मृतका ममता के पति अनिल कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 5 बजे वह जिदल फैक्टरी में अपने काम पर गया हुआ था। उस दौरान सुबह 9 बजे के करीब उसकी मां ने उसे फोन कर सूचना दी कि ममता घर पर नहीं है। उसे किसी ने सूचना दी कि ममता का शव यहां पेड़ पर लटक रहा है। पुलिस ने मौके पर एंबुलेंस बुलाकर शव को कब्जे में लेकर शहर के सिविल अस्पताल भिजवाया।

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अस्पताल जाने से डरती थी, मृतका की रिपोर्ट भी निगेटिव रही

सूर्य नगर चौकी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतका का कोरोना सैंपल करवाया गया, जिसमें उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। मामले में मृतका के पति अनिल के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की गई है। अनिल ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी ममता व उसके दो बच्चे पिछले 10 दिन से बीमार थे। अनिल ने बताया कि ममता को उसने कई बार कहा कि अस्पताल जाकर दवा ले आते हैं। लेकिन वह हर बार मना कर देती। शुक्रवार रात भी ममता को उसने अस्पताल जाने के लिए कहा तो वह उससे बहस करने लगी थी। अनिल ने बताया कि ममता को जब भी अस्पताल जाने को कहता तो ममता उससे कहती थी कि वह अस्पताल गई तो वहां उसकी किडनी निकाल लेंगे, उसे टीका लगाएंगे और उसके शरीर के अंग निकाल लेंगे। ममता को इसी बात का डर था। अनिल ने बताया कि उसे कई बार समझाने का प्रयास किया था। पुलिस ने मृतका के शव का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर शव स्वजनों को सौंप दिया।

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करीब दो घंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस

मामले में अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी की मौत की सूचना पाकर वह वहां पहुंचा। लेकिन वहां शव को ले जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिला। एंबुलेंस को फोन किया गया, लेकिन वह भी करीब दो घंटे तक नहीं पहुंची। इस दौरान सिविल अस्पताल से जीव वैज्ञानिक डा. रमेश पूनिया को किसी ने फोन किया। बताया जा रहा है कि इसके बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची और शव को सिविल अस्पताल भिजवाया।