संवाद सूत्र, बौंद कलां : दादरी जिले के कस्बा बौंद कलां निवासी एक युवक के मोबाइल फोन पर आए संदेश में लिंक पर क्लिक करते ही धोखाधड़ी कर बैंक खाते से 7.68 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है। युवक द्वारा एटीएम कार्ड के लिए बैंक में आवेदन किया गया था। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कस्बा बौंद कलां निवासी नरेंद्र ने बताया कि वह गुरूग्राम जिले के मानेसर स्थित एक निजी कंपनी में काम करता है। उसका गुरूग्राम स्थित इंडसइंड बैंक में खाता है। नरेंद्र ने बताया कि उसने बैंक में एटीएम कार्ड के लिए आवेदन किया था।

जिसके बाद वीरवार को उसके मोबाइल फोन पर पता अपडेट करने से संबंधित एक संदेश आया। इस संदेश में एक लिंक था। नरेंद्र के अनुसार जब उसने उक्त संदेश में आए लिंक पर क्लिक किया तो अचानक उसका फोन हैंग हो गया तथा लगातार अनजान नंबरों से फोन काल आने लगी। इस दौरान उसके फोन पर कोई संदेश नहीं आया। करीब आधे घंटे बाद जब उसका फोन ठीक हुआ तो उसके फोन पर चार बार वन टाइम पासवर्ड, ओटीपी तथा अन्य संदेश प्राप्त हुए।

जब उसने संदेश देखे तो उसे पता चला कि उसके बैंक खाते से पांच ट्रांजेक्शन के माध्यम से सात लाख 42 हजार 989 रुपये तथा क्रेडिट कार्ड से 26 हजार 119 रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित नरेंद्र के अनुसार अज्ञात हैकर्स ने धोखाधड़ी कर उसको सात लाख 68 हजार 108 रुपये की चपत लगा दी। जिसके बाद उसने घटना की जानकारी बौंद कलां थाना पुलिस को दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 379 व 420 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैकर

गौरतलब है कि मौजूदा दौर में इंटरनेट का प्रयोग लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं इंटरनेट के बढ़ते प्रयोग के साथ ही हैकर्स द्वारा भी ठगी की वारदात को अंजाम देने के लिए नए-नए तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ समय पहले तक बैंक कर्मचारी बन ओटीपी पूछ कर, एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर खातों से रुपये उड़ाने की घटनाएं सामने आती थी। लेकिन अब साइबर अपराधियों द्वारा लिंक के माध्यम से फोन स्क्रीन का क्लोन दूसरे फोन में तैयार कर लोगों को चपत लगाई जा रही है। पुलिस द्वारा भी समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर लोगों को ओटीपी सहित अन्य निजी जानकारी किसी से साझा न करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने को लेकर जागरूक किया जाता है। उसके बावजूद इस प्रकार की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

Edited By: Manoj Kumar