रोहतक [ओपी वशिष्ठ] Sachin Tendulkar birthday special : 27 अक्टूबर 2013 को क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर रणजी करियर का आखिरी मैच चौधरी बंसीलाल क्रिकेट ग्राउंड लाहली में खेलने उतरे थे। इस मैच के साथ ही सचिन तेंदुलकर की रोहतक से यादें जुड़ गई थी। सचिन तेंदुलकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर को अलविदा अपनी घरेलू टीम मुंबई को चार विकेट से बेहतरीन जीत दिलाकर किया था। इस मैच को उनके प्रशंसक आज तक भूल नहीं सके हैं।

लाहली में रणजी ट्रॉफी मैच हरियाणा और मुंबई के बीच खेला गया। मुंबई की टीम में सचिन तेंदुलकर के अलावा जहीर खान जैसे स्टार खिलाड़ी शामिल थे। वहीं हरियाणा की कमान आलराउंडर अजय जडेजा को सौंपी गई थी, जिन्होंने प्रतिबंध लगने के लंबे समय बाद घरेलू क्रिकेट में वापसी की थी। सचिन तेंदुलकर पहली पारी में मात्र पांच रन बनाकर मोहित शर्मा की गेंद पर बोल्ड हो गए थे। खास बात यह थी कि हरियाणा के घरेलू मैदान में दर्शकों ने सचिन के आउट होने का ज्यादा गम मनाया था। जबकि घरेलू टीम हरियाणा थी। इतना ही नहीं सचिन तेंदुलकर जब मैदान में उतरे तो दर्शकों ने खड़े होकर अभिनंदन किया। रोचकता भरे मैच में जीत मुंबई की हुई, जिसमें सचिन तेंदुलकर ने 79 रन की नाबाद पारी खेली। हालांकि विजयी चौका धवल कुलकर्णी के बल्ले से निकला था। मैन आफ द मैच भी सचिन तेंदुलकर को ही मिला था। सचिन के आखिरी मैच के गवाह हजारों दर्शक बने थे।

सचिन का रिकाॅर्ड तोड़ने वाली रोहतक की बेटी शेफाली वर्मा, जिनकी सचिन ने भी तारीफ की है।

शेफाली वर्मा ने खड़े होकर देखा था मैच

भारतीय महिला क्रिकेट टीम में सबसे कम उम्र की बल्लेबाजी शेफाली वर्मा ने सचिन तेंदुलकर का रणजी ट्राफी मैच ग्राउंड में खड़े होकर देखा था। वह उस वक्त मात्र दस साल की थी। सचिन की लोकप्रियता और खेल से प्रेरित होकर ही उसने क्रिकेट खेलने का निर्णय लिया था। पिछले दिनों उसने टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में कम उम्र में तेज 50 रन बनाने का सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड ही तोड़ा दिया था।

रोहतक के लाहली स्थित स्टेडियम में क्रिकेटर सचिन तेंदुलगर के साथ पूर्व क्रिकेटर जोगेंद्र शर्मा व पुलिस अधिकारी।  यह फोटो जोगेंद्र शर्मा ने उपलब्ध कराया।

जब अजय जडेजा ने संभाली हरियाणा की कमान

हरियाणा और मुंबई के बीच रणजी ट्रॉफी मैच में अजय जडेजा भी खेले थे। उनको हरियाणा टीम के कप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर प्रतिबंध लगने के बाद वे घरेलू मैच खेलने के लिए लंबे समय बाद मैदान में उतरे थे। मुंबई की टीम में सचिन और हरियाणा की कमान अजय जडेजा के हाथों में होने के कारण मैच हाईप्रोफाइल हो गया था। लोकल हीरो जोगेंद्र शर्मा ने पहली पारी में पांच विकेट झटकर मुंबई को मुश्किल में डाल दिया था। जोगेंद्र शर्मा के अच्छे खेल पर सचिन ने भी उनको बधाई दी थी।

सचिन के फैन सुधीर भी पहुंचे थे मैच देखने

सचिन तेंदुलकर के सबसे बड़े फैन सुधीर कुमार भी लाहली में एक दिन पहले ही पहुंच गए थे। सचिन तेंदुलकर के आखिरी रणजी मैच में शतक की उम्मीद की थी। जब शतक नहीं लगा पाए तो सुधीर की आंखों में आंसू आ गए थे। सचिन ने जब प्रथम श्रेणी क्रिकेट को अलविदा कहा तो वे भावुक हो गए। सुधीर देश में ही नहीं विदेशों में भी सचिन का मैच देखने के हाथ में तिरंगा लेकर पहुंच जाते थे। सुधीर दस नंबर की जर्सी पहनकर मैच देखने जाते थे। लेकिन इसके बाद उन्होंने दस नंबर जर्सी पहनाना छोड़ दिया था और आई मिस यू सचिन लिखी टी-शर्ट पहनने का ऐलान किया था। 

कभी न भूलने वाला था मैच : जोगेंद्र शर्मा

हरियाणा टीम के पूर्व कप्तान एवं आलराउंडर जोगेंद्र शर्मा भी सचिन के आखिरी मैच के गवाह बने। उन्होंने कहा कि सचिन के करियर का आखिरी मैच खेलना उनके लिए गर्व की बात है। वे भाग्यशाली हैं कि वे उस मैच का हिस्सा बने। पहली पारी में पांच विकेट लिए तो मैच रोमांचक हो गया। सचिन तेंदुलकर ने भी उनकी गेंदबाजी की सराहना की थी। मैच खत्म होने के बाद हरियाणा की टीम के साथ करीब डेढ़ घंटे तक सचिन ने बात की। अपने अनुभवों को साझा किया। इससे पहले भी जब इंडियन टीम में खेलने का मौका मिला या कोङ्क्षचग कैंप में सचिन के साथ रहे, उनसे काफी सीखने को मिला। सचिन तेंदुलकर के जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं।

 

Posted By: Manoj Kumar

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