ढिगावा मंडी [मदन श्योराण] कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ग्रामीण इलाकों में भी तेजी से फैलने लगी है। पिछले कई दिनों से डॉक्टर और इससे जुड़े हुए लगातार सचेत कर रहे हैं कि ग्रामीण या पिछड़े क्षेत्रों में संक्रमण में तेजी आई है। पिछले साल सितंबर में कोविड-19 संक्रमण की पहली पीक के मुकाबले में पिछड़े या ग्रामीण इलाकों में इस बार मामले कई गुना बढ़ चुके हैं। मौत की संख्या भी इतनी ही तेजी से बढ़ रही है। रोहतक जिले में हालात सबसे ज्‍यादा खराब हैं।

गांवों में सर्दी, खांसी और बुखार वाले मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं

इस समय जिले भर में कोरोना लगातार भयानक रूप लेता जा रहा है। इसकी चपेट में अब बुजुर्ग ही नहीं बल्कि जवान और बच्चे भी तेजी से आ रहे हैं।  जिले के कई गांवों में सर्दी, जुकाम, खांसी और बुखार से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ रही है। इसके कारण अब सरकार और जिला प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे हैं।

भगवान भरोसे स्वास्थ्य केन्द्र

अभी हालात ऐसे हैं कि बढ़ते संक्रमण के कारण शहरों में सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों के लिए जगह कम पड़ रही है। साथ ही लगातार ऑक्सीजन की कमी भी देखने को मिल रही है। अगर गांव में भी ऐसे हालात बन गए तो प्रशासन के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना एक बड़ी चुनौती बन जाएगी। क्योंकि गांव में स्वास्थ्य केंद्रों में तो उतनी व्यवस्थाएं भी नहीं है जितनी शहरों के अस्पताल में लोगों को बमुश्किल मिल पा रही है।

मेडिकल ऑफिसर डॉ गौरव चतुर्वेदी ने कहा कि 18 से अधिक उम्र वाले नागरिकों को कोविड का टीकाकरण अवश्य करवाना चाहिए और टीकाकरण अभियान में अनिवार्य रूप से भाग लेना चाहिए। टीका आपका सुरक्षा घेरा है, इससे आप स्वयं का भी बचाव करें और दूसरों को भी सुरक्षित रखने में योगदान दें। शारीरिक दूरी की पालना करना, सैनिटाइजर और मास्क का उपयोग करना बहुत जरूरी है।

गांव खरकड़ी के सरपंच सुभाष ने बताया की गांव में एक कोरोना संक्रमित की मौत और 11 ग्रामीण पॉजिटिव मिलने के बाद शनिवार दोपहर को गांव में सैनिटाइज करवाया गया है, ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि सरकार की गाइडलाइन के अनुसार अपना उपचार करें, घर पर रहें सुरक्षित रहें।

Edited By: Manoj Kumar