फतेहाबाद, [राजेश भादू]। सामाजिक सुरक्षा ईएसआईसी यानी कर्मचारी राज्य बीमा निगम का मोटिव है। बकायदा इसके लोगों में इस शब्द का विशेष उल्लेख है। इसकी वजह है कि इसके दायरे में आने वाले कर्मचारियों को 11 प्रकार के लाभ मिलते हैं। वहीं, विडंबना यह है कि जिले में करीब 9 हजार कर्मचारियों का ईएसआई हर महीने कट रहा है। इन कर्मचारियों को लाभ देने के लिए इसका कार्यालय तो दूर क्लिनिक तक नहीं बनाया हुआ। कर्मचारियों के वेतन से हर महीने रुपये कटने के बाद भी जिले में सुविधा नहीं दी जा रही।

इसकी सुविधा देने की जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की है। अब कर्मचारी व उनके स्वजनों को सुविधा लेने के लिए हिसार जाना पड़ता है। जहां पर मामूली इलाज के लिए दो दिन लगते है। कर्मचारी को अवकाश अलग से लेना पड़ता है।

सुविधा के नाम पर जिले में क्लिनिक तक नहीं

दरअसल, ईएसआई का लाभ 21 हजार रुपये सैलरी पाने वालों को मिलता हैं। इसके लिए सैलरी से हर महीने अंशदान कटता है, वहीं नियोक्ता कंपनी व विभाग भी हर महीने बकायदा अंशदान देता है। इस तरह कंपनी व कर्मचारी मिलकर सैलरी का 4 फीसद तक अंशदान देते है। उसके बाद भी सुविधा के नाम पर जिले में क्लिनिक तक नहीं है, जबकि इतने कर्मचारी होने के बाद ईएसआईसी का कार्यालय होना चाहिए।  शहर के एक कर्मचारी ने आरटीआई लगाकर सूचना मांगी। जिसमें बताया गया कि करीब 9 हजार कर्मचारियों का ईएसआई का प्रीमियम कटता है। इन कर्मचारियों के करीब 50 हजार सदस्य सुरक्षा के दायरे में आते है। जिनके सामाजिक सुरक्षा ईएसआईसी को करने होती है। लेकिन जिले बनने के 24 साल बाद भी क्लिनिक तक नहीं बना।

10 किलोमीटर के दायरे में मिलनी चाहिए सुविधा

आरटीआई में खुलासा हुआ कि सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग व अनुबंध पर कार्यरत करीब 3 हजार कच्चे कर्मचारियों को ईएसआई के रुपये कट रहे है। वहीं 6 हजार कर्मचारी विभिन्न फर्मों से जुड़े हुए है। उनके रुपये काटे जा रहे हैं। लेकिन उसके बाद भी ईएसआईसी क्लिनिक न होने से लाभ से वंचित है। जबकि आरटीआई में अधिकारियों ने जवाब दिया कि कर्मचारी को 10 किलोमीटर के दायरे में क्लीनिक की सुविधा मिलनी चाहिए।

ईएसआई के दायरे में आने वाले कर्मचारियों को ये मिलते हैं 11 प्रकार के लाभ

चिकित्सा लाभ : ईएसआईसी में बीमित व्यक्ति और उस पर आश्रित पारिवारिक सदस्यों को चिकित्सा लाभ मिलता है। चिकित्सा हितलाभ उपलब्ध कराने का दायित्व राज्य सरकार का है। प्राथमिक, विशेषज्ञ सेवाएं कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालयों व औषधालयों एवं पैनल क्लीनिक के माध्यम से उपलब्ध करायी जाती हैं, जबकि अति विशेषज्ञता सेवाएं रेफरल के आधार पर देश के प्रख्यात चिकित्सा संस्थानों के माध्यम से मिलती हैं।

बीमारी लाभ : बीमित व्यक्ति को बीमारी के दौरान होने वाली छुट्टी के लिए एक साल में अधिकतम 91 दिनों के लिए मजदूरी के 70 फीसदी की दर से नकद भुगतान किया जाता है। इस हितलाभ का भुगतान बीमारी प्रमाणीकरण से 7 दिन के भीतर हितलाभ मानक दर पर किया जाता है। बीमारी हितलाभ की पात्रता के लिए बीमाकृत कामगार से अपेक्षा की जाती है कि 6 महीनों की अंशदान अवधि में 78 दिनों के लिए अंशदान दें। इसके अलावा 34 घातक और दीर्घकालिक बीमारियों के मामले में मजदूरी के 80 फीसद की दर से कर्मचारी को हितलाभ 2 वर्षों तक विस्तारित किया जा सकता है।

मातृत्व लाभ : ईएसआईसी मातृत्व छुट्टी के दौरान डिलीवरी में 26 सप्ताह तक, गर्भपात के मामले में 6 सप्ताह तक, दत्तक मां को 12 सप्ताह तक औसत दैनिक वेतन का 100 फीसदी नकद भुगतान किया जाता है।

निःशक्तता लाभ : किसी बीमित व्यक्ति को अस्थायी निःशक्तता यानी टेंपरेरी डिसेबिलिटी की स्थिति में चोट ठीक होने तक और परमानेंट डिसेबिलिटी की स्थिति में ईएसआईसी जीवनभर निरंतर मासिक पेंशन का भुगतान करता है।

आश्रितजन लाभ : यदि किसी बीमित व्यक्ति की रोजगार के दौरान मौत हो जाती है तो ईएसआईसी उसके आश्रितों को नियत अनुपात में मासिक पेंशन का भुगतान करता है। यह हितलाभ बीमांकित व्यक्ति की मृत्यु के अधिकतम तीन महीने के भीतर उनके आश्रितजनों को किया जाता है और उसके बाद नियमित रूप से मासिक आधार पर भुगतान किया जाता है।

बेरोजगारी भत्ता : यदि कोई बीमित व्यक्ति अनैच्छिक हानि या फिर रोजगार से अलग चोट लगने के कारण स्थायी रूप से डिसेबल हो जाता है तो उसे 24 माह की अवधि तक नकद मासिक भत्ता मिलता है।

वृद्धावस्था चिकित्सा लाभ : सेवा पूरी करने के बाद रिटायर हो चुके बीमित व्यक्ति को ईएसआई अस्पतालों और औषधालयों में चिकित्सा लाभ दिया जाता है।

व्यावसायिक प्रशिक्षण : ईएसआईसी रोजगार के दौरान चोट लगने से हुई डिसेबिलिटी के मामले में वसूला गया वास्तविक शुल्क या 123 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बीमित व्यक्ति को भुगतान करता है।

शारीरिक पुनर्वास : रोजगार के दौरान चोट लगने के कारण शारीरिक निःशक्तता की स्थिति में बीमित व्यक्ति जब तक कृत्रिम अंग केंद्र में भर्ती रहता है, उसे अस्थायी निःशक्तता हितलाभ की दर से भुगतान किया जाता है।

प्रसूति व्यय : जिन मामलों में गर्भवती महिला को ईएसआई अस्पतालों में चिकित्सा लाभ नहीं मिलता है, उनको बाहरी अस्पतालों में उपचार कराने के लिए 1500 रुपये तक का नकद भुगतान मिलता है। यह लाभ दो बार दिया जाता है।

अंत्येष्टि व्यय : ईएसआईसी की ओर से बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में उसकी अंत्येष्टि के लिए मूल व्यय या अधिकतम 15 हजार रुपये का नकद भुगतान किया जाता है।

जल्द मिलेगी क्लीनिक की सुविधा : सांसद

जिले में कर्मचारियों को जल्द ही ईएसआईसी का क्लिनिक खुलेगा। इसके लिए मैंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व श्रम मंत्री से बात हुई है। क्षेत्र के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

सुनीता दुग्गल, सांसद, सिरसा लोकसभा

Edited By: Rajesh Kumar