अरुण शर्मा, रोहतक। रामलीलाएं शुरू हो चुकी हैं। फिर से राममय जन मानस हो गया है। एक ऐसा भी कलाकार है जोकि 1992 से कई साल तक प्रताप चौक स्थित श्री सनातन धर्म पंजाबी रामलीला क्लब में रामलीला देखने जाया करता। कभी कल्पना तक नहीं की थी कि वह कभी मंच पर कोई भूमिका अदा करेगा। उसे खुद नहीं पता चला कि कब से वह छोटी भूमिकाएं निभाने लगा। साल 2013 में उसे भगवान श्रीराम का अभिनय करने के लिए कहा गया।

भाजपा के मीडिया प्रभारी तरूण शन्नी शर्मा को राम का अभिनय मिलने के पीछे बड़ी रोचक कहानी है। शन्नी रामलीला में छोटे रोल निभाने लगे तो उन्हें साल 2012 में गुरु विश्वामित्र बनने के लिए कहा गया। उस दौरान ऐसा डायलाग डिलीवरी ऐसी रही कि हर ओर विश्वा मित्र के रोल की चर्चाएं होने लगीं। साल 2013 में जुलाई के महीने में शन्नी शर्मा हिसार रोड पुराने बस स्टैंड के निकट अपने कृष्णा कालोनी घर से सब्जी खरीदने के लिए बाजार जा रहे थे। रास्ते में ही श्री सनातन धर्म पंजाबी रामलीला क्लब के प्रधान मदन गुलाटी मिल गए। उन्होंने कहा कि शन्नी कल कार्यालय आना, मैं तुझे डायलाग वाली किताब दूंगा, तू ही इस बार राम बनेगा। पहले तो शन्नी ने बड़ी जिम्मेदारी से हिचकने लगे। क्योंकि मदन गुलाटी पिछले 17 साल से यह अभिनय निभा रहे थे और उनके अभियन का हर कोई उस वक्त कायल था। प्रधान गुलाटी के समझाने पर शन्नी मान गए और राम का तभी से अभिनय कर रहे हैं।

पता नहीं रामलीलाला के 70 गीत याद हो गए 

शन्नी कहते हैं कि मुझे गीत और संगीत की कोई जानकारी नहीं थी। राम की बड़ी भूमिका मिली तो अंदर से सहमा हुआ था। प्रधान मदन गुलाटी ने रामलीला के म्युजिक डायरेक्टर दिनेश शर्मा से मिलवाया। खुद पर मां सरस्वती की कृपा मानते हुए शन्नी कहते हैं कि सितंबर में रामलीला शुरू हुई, पता नहीं ऐसा क्या हुआ कि मुझे संगीतमय 70 गीत याद हो गए। यह सभी गीत रामलीला के थे। भाजपा युवा मोर्चा के 2004-2005 में उपाध्यक्ष रहने के अलावा भाजपा में कई पदों पर शन्नी रह चुके हैं। समाजसेवा ही इनका कार्य है। पत्नी दीपा शर्मा गृहणी हैं और छह साल के बेटे नमन शर्मा हैं। शन्नी कहते हैं कि मुझे मान-सम्मान रामलीला ने ही दिलाया है।

मां की बीमारी के चलते सीरियल में नहीं कर सके काम

शन्नी कहते हैं कि पंजाबी राम लीला बड़े-बड़े कलाकारों का मंच रहा है। इन्होंने बताया कि एक बार मैंने गूगल पर भगवान राम के अभियान से संबंधित फोटो अपलोड किए। साल 2016-2017 में मुंबई की एक नामी कंपनी ने संपर्क किया। करार के तहत किसी फिल्म और सीरियल में अभिनय को लेकर चर्चा भी हुई। हालांकि शन्नी की मां रानी शर्मा को कैंसर हो गया और उनका इलाज के दौरान ही निधन हो गया। इसलिए उस दौरान बाहर जाने का फैसला रद कर दिया। 

जब मुख्यमंत्री मनोहरलाल बोले, अरे मेरा शन्नी राम बना है 

साल 2015 में मुख्यमंत्री मनोहरलाल रामलीला का उद्घाटन करने आए। उस वक्त महज पांच मिनट के लिए उन्हें आना था। मुख्यमंत्री जब पहुंचे तो उन्होंने शन्नी शर्मा को राम के स्वरूप में देखा और बोले अरे मेरा शन्नी भगवान राम बना है। फिर मुस्कुराते हुए बोले, मेरा कार्यकर्ता रामलीला में राम बना हो तो मैं उसका अभिनय देखे बगैर कैसे जा सकता हूं। फिर मुख्यमंत्री करीब आधा घंटा रूके और शन्नी का अभिनय देखा। फिर तो कई बार मुख्यमंत्री ने शन्नी को मेरे राम कहकर संबोधित किया।

इस बार रोहतक के शिवाजी कालोनी की राजबाला बनेंगी सीता

इस बार रामलीला में नया परिवर्तन देखने को मिलेगा। अक्सर बाहरी जिलों से महिला कलाकार यहां आते थे और सीता भी ज्यादातर समय में यही महिला कलाकार बनती थीं। इस बार रोहतक के शिवाजी कालोनी निवासी गृहणी राजबाला सीता का किरदार निभाएंगी। इससे पहले राजबाला 2016 और 2017 में इस रोल को निभा चुकी हैं। गोहाना से आने वाली महिला कलाकार सूर्पखा और मंथरा बनेंगी। भैंस कारोबार से जुड़े पंकज गांधी रावण बनेंगे। किला रोड बाजार में कपड़े की दुकान संचालित करने वाले पप्पी अनेजा मेघनाद बनेंगे। सब्जी मंडी में सब्जियों का कारोबार करने वाले संजय भाटिया दशरथ बनेंगे। छोटूराम चौक पर मोबाइल की दुकान चलाने वाले करन नरूला हनुमान का रोल निभाएंगे। रोडवेज में कार्यरत राजेंद्र अनेजा लक्ष्मण का रोल निभाएंगे।

Edited By: Naveen Dalal