जागरण संवाददाता, हिसार। कैमिस्ट की दुकान के लिए 40 हजार रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में ड्रग कंट्रोल अधिकारी सुरेश चौधरी 28 दिन बाद भी विजिलेंस टीम की गिरफ्त से बाहर है। सुरेश चौधरी का ना पकड़ा जाना। विजिलेंस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है। सुरेश चौधरी की गिरफ्तारी के लिए करीब 10 दिन पहले अरेस्ट वारेंट भी जारी हो चुके है। लेकिन इसके बाद भी सुरेश चौधरी विजिलेंस की गिरफ्त से बाहर है। विजिलेंस टीम से मिली जानकारी के अनुसार सुरेश चौधरी को पकड़ने के लिए अग्रोहा ‌स्थित एक गैस एजेंसी पर छापेमारी की गई थी। लेकिन वहा सुरेश चौधरी नही मिला। विजिलेंस टीम के अनुसार इसी जगह पर पहले भी दबिश दी थी। अदालत से 23 अगस्त को विजिलेंस ने सुरेश चौधरी को पकड़ने के लिए वारंट इशू करवाए थे।

हाइकोर्ट में अपील करने का प्रयास

सूत्रों से मिली जानकारी से सामने आया की ड्रग कंट्रोल अधिकारी सुरेश चौधरी अब अपने गाड़ी चालक और चपरासी की जमानत के‌ लिए हाइकोर्ट में अपील डालने का प्रयास कर रहा हैं। गौरतलब है की सुरेश चौधरी को 19 अगस्त को सस्पेंड किया जा चुका है। लेकिन सुरेश चौधरी ने इसके बावजूद अपने मुख्यालय में भी रिपोर्ट नहीं की है। ऐसा न करने के कारण उसे टर्मिनेट किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि फतेहाबाद में भी एक मामले में सस्पेंड होने के तीन महीने तक सुरेश चौधरी ने मुख्यालय में रिपोर्ट नहीं की थी। लेकिन उस समय उसे टर्मिनेट नहीं किया गया था। मुख्यालय की तरफ से भी इस मामले में कोई सख्त एक्शन नहीं लिया जा रहा। वही विजिलेंस अधिकारियों का कहना हैं की सुरेश चौधरी के परिवार और जानकारों को उसे जल्द पेश करने के लिए चेतावनी भी दी हुई है। अगर सुरेश चौधरी की गिरफ्तारी जल्द नहीं होती है तो उसे भगौड़ा घोषित कर दिया जाएगा।

मोबाइल नंबरों को किया जा रहा है ट्रेस

मामले में सिरसा विजिलेंस में इंस्पेक्टर अनिल सोढ़ी ने बताया कि साइबर सेल की मदद से सुरेश चौधरी के मोबाइल नंबरों को ट्रेस करने का प्रयास जारी है। विजिलेंस टीम ने अनुसार सुरेश चौधरी के सभी नंबर बंद हैं। सुरेश चौधरी नए नंबरों से व्हाट्स एप और इंटरनेट कोलिंग के जरिए अपने परिवार व जानकारों के संपर्कों में हो सकता है। हालांकि साइबर सेल की मदद से सुरेश चौधरी के परिवार और रिश्तेदारों के नंबरों को भी ट्रेस करके उसका पता लगाने की कोशिश की जा रही हैं।

Edited By: Rajesh Kumar