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-साइबर सेल में पहुंचे 80 फीसद मामलों में सामने आई शिकायतकर्ताओं की लापरवाही

-पुलिस को उलझाने के लिए अलग-अलग राज्यों के सिम, मोबाइल व बैंक खाता इस्तेमाल करते हैं ठग

95 फीसद वारदातों में भरतपुर गैंग शामिल, औसतन हर हफ्ते हो रही एक आनलाइन ठगी की वारदात संवाद सहयोगी, हांसी: आनलाइन ठगी के मामले दिनोंदिन बढ़ते जा रहे हैं। अनपढ़ ही नहीं पढ़े-लिखे लोग भी ऑनलाइन फ्राड का शिकार हो रहे हैं। शातिर ठग धोखाधड़ी करने के लिए ऐसा जाल बिछाते हैं कि लोग उसमें फंसकर धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। पुलिस के पास पहुंचे ज्यादातर मामलों की जांच में ये सामने आया है कि शिकायतकर्ता की लापरवाही ही कहीं ना कहीं ऑनलाइन ठगी का कारण रही।

बता दें कि जिला पुलिस हांसी के समक्ष बीते एक साल के दौरान आनलाइन फ्राड की 58 शिकायतें पहुंची हैं। औसतन हर हफ्ते 1 ऑनलाइन फ्राड की वारदात हो रही है। इनमें क्लोन एटीएम से ठगी, क्यू आर कोड व ओटीपी के जरिये गुगल पे और पेटीएम से ठगी करने की शिकायतें शामिल हैं। बीते 1 साल में साइबर सेल के पास पहुंची शिकायतों की जांच का निष्कर्ष बताता है कि ज्यादातर मामलों में शिकायतकर्ता द्वारा ठगों की बातों में आकर क्यूआर कोड स्कैन करके या फिर ओटीपी और लिक पर क्लिक करके गलती गई जिसकी वजह से वह ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो गए। अनभिज्ञता के कारण भी लोग अपने बैंकिग से जुड़ी जानकारी शेयर कर देते हैं।

सिम कहीं का, मोबाइल कहीं का, खाता कहीं का

साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि शातिर ठग सिम कार्ड, मोबाइल व बैंक खाता अलग-अलग राज्यों का इस्तेमाल करते हैं। ये सभी फर्जी होते हैं। पुलिस इनकी जांच में राज्यों में भटकती रहती है और बाद में ये फर्जी मिलते हैं। पुलिस को उलझाने के लिए ठग ऐसा करते हैं। 95 फीसद वारदातों में भरतपुर गैंग

साइबर सेल ने बीते एक साल में करीब 60 मामलों की जांच की जो ऑनलाइन फॉड से जुड़ी थी। इनकी जांच में सामने आया कि ज्यादातर वारदातों को भरतपुर के गैंग द्वारा ही अंजाम दिया गया। राजस्थान के भरतपुर में साइबर ठगी करने वाला पूरा गैंग सक्रिय है जो पूरे देश में ऑनलाइन फ्रॉड करता है। ये देश के अलग-अलग हिस्सों से फ्रॉड करते हैं। ये गलती कभी ना करें

किसी भी अननान व्यक्ति द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन ना करें। मोबाइल या मेल पर आने वाले अपुष्ट लिक पर क्लिक ना करें व वेरिफाइ करने के बाद ही किसी लिक पर क्लिक करें। एटीएम कार्ड नंबर किसी को ना बताएं। एटीएम बूथ में कार्ड किसी को ना दें व कोड को को गोपनीय रखें।

Edited By: Jagran