हिसार, जेएनएन। हिसार शहर के जिंदल मॉडर्न स्कूल में हरियाणा सरकार की ओर से बनाए गए 500 बेड के संजीवनी अस्पताल में पिछले एक सप्ताह से कोई भी मरीज दाखिल नहीं हुआ है। इसके बावजूद वहां पर स्टाफ रोजाना ड्यूटी दे रहा है। गौरतलब है कि कोरोना केस बढ़ने पर ऑक्सीजन की किल्लत के कारण संजीवनी अस्पताल स्थापित किया गया था। यहां 500 बेड ऑक्सीजन के साथ लगाए गए थे। हालांकि इनमें से 200 बेड का ही शुरू में प्रयोग किया गया और 300 बेड को रिजर्व में रखा गया था और यहां पर देशभर के विभिन्न जिलों से ईएसआई स्टाफ और सिविल अस्पताल से भी स्टाफ को लिया गया था।

लेकिन अब यहां पर पिछले एक सप्ताह से कोई भी मरीज एडमिट नहीं हुआ है। फिर भी यहां पर स्टाफ को लगाया गया है। हालांकि अधिकारी कह रहे हैं कि जल्द ही यहां से स्टाफ को जहां जरूरत होगी, वहां पर लगाया जाएगा, लेकिन पिछले काफी समय से यही बात अधिकारी कह रहे हैं गौरतलब है कि जिले में कोरोना की दूसरी लहर ने काफी प्रभाव डाला था। मई की शुरुआत में जिले में प्रतिदिन 1000 से अधिक मामले सामने आने लगे थे उस दौरान ऑक्सीजन, वेंटिलेटर सहित सामान्य बेड की भी काफी किल्लत हो गई थी इस दौरान कुछ मरीजों ने तो उपचार ना मिलने के कारण दम भी तोड़ दिया था।

ऐसे में प्रशासन के प्रयासों से शहर के जिंदल मॉडर्न स्कूल में संजीवनी अस्पताल का निर्माण किया गया हालांकि यह अस्थाई अस्पताल में महामारी कम होने पर से हटा दिया जाएगा। संजीवनी अस्पताल का उद्घाटन करने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर स्वयं यहां उपस्थित हुए थे। यहां पर मध्यम श्रेणी वाले और हल्के लक्षणों वाले मरीजों का उपचार किया गया था। हालांकि इस अस्पताल के निर्माण के बाद जिले में कोरोना मरीजों की संख्या घटती गई और अब करीब सभी अस्पतालों के बेड खाली हो चुके हैं।

उच्च अधिकारियों को भेजी रिपोर्ट

संजीवनी अस्पताल के स्टाफ के लिए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है वहां से आदेश आने पर स्टाफ को वापस बुला लिया जाएगा।

सीएमओ डॉ रत्ना भारती, हिसार।

Edited By: Manoj Kumar