बहादुरगढ़, जागरण संवाददाता। चकबंदी व बंदोबस्त के समय सार्वजनिक प्रयोग के लिए छोड़ी गई बहादुरगढ़ शहर की 323 एकड़ शामलात जमीन में से करीब 12 एकड़ जमीन ही खाली है। करीब 311 एकड़ जमीन पर कई सालों से कब्जा हो रखा है। लोगों ने मकान व दुकान बना रखी हैं। राजस्व रिकार्ड में शहर की अधिकांश जमीन की मालिक नगर परिषद हो चुकी है।

शहर में मेन बाजार व रेलवे रोड पर बनी हैं सैंकड़ों दुकानें

रही बात शहर के धर्म विहार, रामनगर, वेदांत नगर आदि क्षेत्रों की शामलात जमीन की तो वह परनाला गांव आदि ग्राम पंचायतों की शामलात जमीन है। ऐसे में राजस्व रिकार्ड में तहसील कार्यालय की ओर से इसे पहले ग्राम पंचायत के नाम किया जाएगा और फिर शहरी क्षेत्र होने की वजह से इसका इंतकाल नगर परिषद बहादुरगढ़ के नाम किया जाएगा। बहादुरगढ़ शहर की जमीन को लेकर नगर परिषद ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मार्गदर्शन भी मांगा था। यह मार्गदर्शन आने के बाद ही इस दिशा में नगर परिषद आगामी कार्रवाई करेगी।

कुछ ही दिनों में खत्म हो जाएगा मालिकाना हक, रजिस्ट्री व इंतकाल हो जाएंगे रद

शामलात जमीन पर मकान बनाकर रह रहे लोगों के साथ-साथ दुकान व अन्य वाणिज्यिक भवन बनाकर अपना कारोबार कर रहे लोगों के सामने अचानक संकट खड़ा हो सकता है। जिस जमीन पर वे फिलहाल काबिज हैं, उस पर उसका मालिकाना हक कुछ ही दिनों में खत्म हो जाएगा। तहसील कार्यालय में इस पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। शामलात जमीन की लोगों के नाम पर हो रखी रजिस्ट्री व इंतकाल रद हो जाएंगे और जमाबंदी में मालिक ग्राम पंचायत व नगर परिषद हो जाएंगी।

रिकार्ड जल्द ही पता लगाया जाएगा

राजस्व रिकार्ड में शामलात जमीन का मालिकाना हक ग्राम पंचायत व नगर निकाय के नाम पर करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। आठ-दस दिन में यह कार्य पूरा हो जाएगा। शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र में भी कितनी शामलात जमीन है इसका रिकार्ड जल्द ही पता लगाया जाएगा।

अधिकारी के अनुसार

शामलात जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग से मांगा गया मार्गदर्शन अब तक नहीं मिला है। जैसे ही मार्गदर्शन मिल जाएगा, वैसे ही कार्रवाई कर दी जाएगी।

-- -- -- संजय रोहिल्ला, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, बहादुरगढ़।

Edited By: Naveen Dalal