जागरण संवाददाता, हिसार : दीपावली से पूर्व गुलजार हुए बाजारों में धनतेरस पर खूब धन बरसा है। सुबह से ही खरीदारी के लिए ग्राहकों की बाजारों में भीड़ उमड़ने लगी। देर सायं तक रोशनी से सराबोर हुए बाजारों में लोगों ने उत्साह से खरीददारी की। जिले में सर्राफा बाजार से लेकर इलेक्ट्रोनिक्स, वाहनों, बर्तन, कपड़े, जूते, मिठाई और घरेलू सामान के अलावा दूसरे कारोबार की बात करते तो व्यापारियों के अनुसार एक अनुमानित करीब 500 करोड़ का हिसार जिले में व्यापार हुआ है। कोविड-19 में मंदी झेल रहे व्यापारियों का इस साल कारोबार होने से चेहरे खिल उठे है। सबसे अधिक बिक्री सर्राफा बाजार, वाहनों और इलेक्ट्रोनिक्स आयटम की हुई है। -----------------------

खरीदारी कर लोगों ने परंपराओं का किया निर्वहन नागोरी गेट से लेकर तेलीयानपुल तक भीड़ का आलम ये था कि लोगों को पैदल चलने में भी असुविधा का सामना करना पड़ा। यहीं हालात आर्यसमाज मंदिर मार्केट से लाजपराय मार्केट तक स्थिति बनी हुई थी। धरतेरस का शुभ मुहुर्त होने के कारण लोगों ने जमकर खरीदारी कर परंपराओं का निर्वहन किया। महिलाओं के लिए यह दिन विशेष रहा, क्योंकि महिलाओं ने मन पसंद के गहने खरीदे।

----------------------- ये है अनुमानित करोबार की स्थिति

रेडिमेड कपड़े : राजगुरु मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुभाष टीनू आहुजा ने कहा कि कोविड-19 के कारण दो साल से मार्केट के व्यापारी मंदी की मार झेल रहे थे। इस बार कुछ कारोबार हुआ है। एक अनुमान माने तो सभी रेडिमेड कपड़े का कारोबार करीब 10 करोड़ रुपये का हुआ है। यूथ की पसंद ब्रांडेड जिस व शर्ट रही। होलसेल कपड़ा कारोबार : जिसमें सवा से आसपास कपड़े के होलसेल कारोबारी है। द होलसेल क्लार्थ मार्केट एसोसिएशन के प्रधान अनील अरोड़ा की माने तो शहर में पांच करोड़ से अधिक का कपड़े का व्यापार हुआ है। सर्राफा बाजार : भारतीय स्वर्णकार संघ के प्रदेशाध्यक्ष छत्तरपाल सोनी ने बताया कि धरतेरस पर लोगों में ज्वैलरी के प्रति अधिक क्रेज रहा। डायमंड, सोने व चांदी की जिले में छोटे बड़े करीब एक हजार ज्वैलर्स है। हिसार में ही इनकी संख्या करीब 350 है। शहर की बात करे तो डायमंड, सोना व चांदी की ज्वैलरी का कारोबार अनुमानित करीब 50 करोड़ का हुआ है। जिले की बात करे तो अनुमानित कारोबार 100 करोड़ पार है। बर्तन कारोबार : शहर में छोटे व बड़े करीब बर्तनों के 30 होलसेल कारोबारी है। राजगुरु मार्केट के बर्तन कारोबारी सुभाष सचदेवा ने कहा कि अकेले शहर में ही यदि बर्तनों की बात करें तो एक अनुमानित एक करोड़ से अधिक का बर्तन बिका है। मिठाई का मंदा रहा कारोबार : कोविड-19 के चलते मिठाई का कारोबार इस बार भी मंदा रहा। हालांकि नागोरीगेट कारोबारी सुमित ने बताया कि गत वर्ष के मुकाबले इस बार कारोबार कुछ बेहतर है। लेकिन कोविड-19 के कारण लोगों में ड्राइफ्रूट का क्रेज अधिक बढ़ रहा है। ऐसे में इस बार त्योहारी सीजन में लोगों ने गिफ्ट देने से लेकर अपने घर के लिए ड्राइफ्रूट की खरीदारी अधिक की है।

Edited By: Jagran