जेएनएन, हिसार। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी राज्यमंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि सेवा का अधिकार कानून के तहत समय पर सेवा उपलब्ध न करवाने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगाया जाए। राज्यमंत्री डॉ. बनवारी लाल ने यह निर्देश आज जिला सभागार में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं जन परिवाद समिति की बैठक में बिजली निगम से संबंधित एक शिकायत की सुनवाई करते हुए दिए। बैठक में राज्यमंत्री ने 15 मामलों की सुनवाई करते हुए 12 समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। शेष शिकायतों के समाधान के संबंध में उन्होंने अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर विधायक एवं हरियाणा ब्यूरो ऑफ पब्लिक इंटरप्राइजेज के चेयरमैन डॉ. कमल गुप्ता, उपायुक्त अशोक कुमार मीणा व पुलिस अधीक्षक शिवचरण भी मौजूद थे।

    हांसी की हनुमान कालोनी निवासी रविंद्र कुमार ने जन परिवाद समिति के समक्ष शिकायत की थी कि वह 4-5 सालों से सरसों पिराई का कोल्हू चलाता है जिससे उसका औसत बिजली बिल 4600 रुपये प्रतिमाह आता था। जून 2017 में बिजली निगम ने उसका मीटर बदल दिया जिसके बारे में न तो उसे सूचना दी गई और 3-4 माह तक उसे बिल भी नहीं दिया गया। नवंबर 2017 में अचानक बिल भेजकर उससे 149232 रुपये भरवा लिए। शिकायतकर्ता ने कहा कि पिछली औसत के अनुसार उससे 110000 रुपये अधिक भरवाए गए हैं जो उसे वापस दिलवाए जाएं।

राज्यमंत्री ने विद्युत निगम के अधीक्षक अभियंता से इसका जवाब मांगा तो उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के केडब्ल्यूएच मीटर के स्थान पर लगवाए गए केएवीएच मीटर के कारण बिल ज्यादा आया है। उनके इस जवाब से असंतुष्टिï जाहिर करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच करके पूरे ब्यौरे सहित अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि समय पर सेवाएं न देने पर दोषी अधिकारी पर सेवा का अधिकार कानून के तहत जुर्माना भी लगाया जाए।

    गैबीपुर निवासी चंद्रभान द्वारा भैंस खरीद पर लिए गए लोन की सब्सिडी न मिलने संबंधी पिछले माह की लंबित शिकायत की सुनवाई के दौरान एलडीएम बीके धींगड़ा ने बताया कि हरियाणा ग्रामीण बैंक और नाबार्ड के बीच संवाद में देरी के चलते आवेदक को सब्सिडी का लाभ नहीं मिल सका। पत्राचार में विलंब के लिए ग्रामीण बैंक की भूमिका को देखते हुए राज्यमंत्री डॉ. बनवारी लाल ने अतिरिक्त उपायुक्त से इस मामले की जांच करवाकर एक माह के भीतर ग्रामीण बैंक के अधिकारियों के वेतन से पैसे काटकर आवेदक की सब्सिडी की भरपाई करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंक द्वारा लिए जाने वाले ब्याज की भरपाई भी अधिकारियों के वेतन से ही की जाएगी।

    गांव बांडाहेड़ी निवासी रामकुमार आदि ने शिकायत रखी थी कि वार्ड 12 की गली अन्य गलियों की बजाय नीची है तथा इसकी नालियां भी बंद हैं जिससे गली में पानी ठहरता है। इस मामले के उचित समाधान के लिए पिछली बैठक में कमेटी गठित की गई थी। कमेटी सदस्यों व पंचायत विभाग के अधिकारियों के सुझाव पर निर्णय लिया गया कि इस गली का स्तर ऊंचा करके व 100 फुट नाले का निर्माण करके इसे गांव की तरफ स्थित मुख्य नाले से जोड़ा जाएगा। 13 लाख रुपये लागत की इस परियोजना से इस समस्या का स्थाई समाधान हो जाएगा।

    मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी फ्यूचर मेकर से संबंधित एक शिकायत पर सुनवाई के दौरान पुलिस विभाग ने जवाब दिया कि इस मामले में राजस्व विभाग द्वारा कंपनी की सभी अचल संपत्तियों की खोजबीन की जा रही है। इसके सथ ही कंपनी के विभिन्न बैंकों में जमा 12 करोड़ रुपये सीज किए जा चुके हैं। अन्य सभी बैंकों को भी लिखा गया है कि कंपनी के खातों की जानकारी पुलिस व प्रशासन को दी जाए तथा किसी खाते से कोई लेन-देन न होने दिया जाए।

    गांव बासड़ा के विरेंद्र आदि द्वारा गांव में पीने के पानी की कम सप्लाई होने की शिकायत पर राज्यमंत्री डॉ. बनवारी लाल ने जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान करवाने के निर्देश दिए। मिलगेट निवासी अनिल पारीक द्वारा अपनी गली में पेयजल लाइन न होने की शिकायत पर जवाब देते हुए विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित गली में पेयजल लाइन डलवा दी गई है और शिकायतकर्ता संतुष्टï है।

    गांव सीसवाला के सरजीत ने शिकायत रखी कि बिजली निगम ने बिना कोई सूचना दिए उसका कनेक्शन काट दिया और 17 दिन बीतने के बावजूद मीटर नहीं लगाया। राज्यमंत्री ने बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता से 17 दिन तक मीटर न लगाने पर जेई की भूमिका की जानकारी मांगी तो अधिकारी ने बताया कि वे इसकी जांच करवाएंगे। राज्यमंत्री ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच करवाकर अगली मीटिंग में उन्हें रिपोर्ट करें। गांव पनिहार चक्क के घनश्याम द्वारा गली में नीचे लटकते बिजली तारों की शिकायत पर राज्यमंत्री ने अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    गांव नंगथला की रितिका व अन्य बेटियों के नाम से लगाई गई एक शिकायत में कहा गया कि गांव नंगथला व संडोल के डाकघर में सुकन्या समृद्घि योजना के उनके खातों में डाकिए के माध्यम से जमा करवाई गई धनराशि का डाकिए ने गबन कर लिया और पासबुक में फर्जी एंट्री कर दी। इस पर जवाब देते हुए डाक विभाग के अधिकारी ने बताया कि संबंधित डाकिए को सस्पेंड कर दिया गया है तथा उससे संबंधित रिकॉर्ड व किए गए गबन की जांच की जा रही है। राज्यमंत्री ने अधिकारी को जल्द से जल्द जांच पूरी करते हुए संबंधित कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए।

    मासिक बैठक के पश्चात रोटी बैंक का संचालन करने वाले संस्था प्रतिनिधियों ने राज्यमंत्री डॉ. बनवारी लाल से मुलाकात करके उनसे अनुरोध किया कि वे गरीब व जरूरतमंद लोगों को निशुल्क भोजन देकर प्रदेश व केंद्र सरकार की अंत्योदय योजना के अनुरूप समाज सेवा का कार्य कर रहे हैं। उन्हें रोटी बैंक चलाते रहने की अनुमति दी जाए। विधायक डॉ. कमल गुप्ता की सलाह से राज्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन के माध्यम से रोटी बैंक के लिए अलग से जगह उपलब्ध करवाई जाएगी। तब तक इसी स्थान पर यथावत रोटी बैंक संचालित होने दिया जाए।

  

Posted By: manoj kumar

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