संवाद सहयोगी, बरवाला : कुम्हार धर्मशाला में जन समाधान मोर्चे की राज्य स्तरीय समन्वय समिति की मीटिग हुई। मीटिग में समवैचारिक संगठनों को जन समाधान मोर्चे में शामिल करने व अन्य कई मुद्दों पर चर्चा की गई। मीटिग के पश्चात जन समाधान मोर्चे के सदस्य अग्रसेन चौक पर पहुंचे व मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में बिना जनगणना के आधार पर पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का प्राविधान किया गया। भारत सरकार द्वारा जनसंख्या के आंकड़े जनगणना प्राधिकरण द्वारा एकत्रित किए जाते हैं और फिर जनगणना अधिनियम के अनुसार प्रकाशित किए जाते हैं। नगर पालिका चुनावों को लेकर 10 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने केस संख्या 278/2022 (सुरेश महाजन बनाम मध्यप्रदेश सरकार) के फैसले का हवाला देते हुए हरियाणा सरकार के नगर पालिका चुनावों में पिछड़ा वर्ग के रिजर्वेशन पर याचिकाकर्ता राम किशन को अंतरिम राहत देते हुए बिना आरक्षण के चुनाव करवाने के निर्देश हरियाणा सरकार को दिए हैं। उपरोक्त अनुभवों और कार्यशैली के आधार पर ये स्पष्ट है कि पिछड़ा वर्ग को निकाय एवं पंचायत चुनावों में आरक्षण को सही तरीके से लागू करना है तो उसके लिए राज्य में पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन होना बहुत आवश्यक है। जो राज्य सरकार को सही आंकड़ों के साथ अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। परन्तु हरियाणा में 2019 के बाद अब तक पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन ही नहीं हुआ। जबकि विभिन्न संस्थाओं द्वारा अनेक पत्र लिख कर आपत्ति दर्ज करवाई जा चुकी। इस अवसर पर काफी संख्या में जन समाधान मोर्चा के सदस्यों ने भाग लिया।

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