रोहतक, विक्रम बनेटा। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में आइइडी ब्लास्ट के चलते बोहर के सतपाल बलिदान हो गया है। सतपाल सीआरपीएफ की यूनिट 196 में तैनात था। जिसका करीब दस दिन पहले ही दिल्ली मुख्यालय के ट्रांसफर हो गया था। कमांडो कोर्स कर चुका सतपाल अपने सीनीयर आफिसर की सिक्योरिटी में तैनात था। सतपाल ने अपनी यूनिट के सूबेदार संदीप बल्हारा से कहा था कि आखिरी ड्यूटी कर आता हूं, उसके बाद तो दिल्ली जाना है। आफिसर मुझे अक्तूबर के पहले सप्ताह में रिलीव करने की बात कह रहे हैं। करीब दस दिन के लिए मुख्यालय से रवाना हुआ तो वापस ही नहीं लौटा।

साहब मेरी भी फोटो डालकर फेमस कर देना

मूलरूप से महम के भराण गांव व वर्तमान में रोहतक के सनसिटी सेक्टर 34 निवासी सूबेदार संदीप बल्हारा भी इसी यूनिट में तैनात हैं। संदीप बल्हारा छुटि्टयों के दिनों व ड्यूटी के दौरान भी अपने सामाजिक कार्यों के चलते फेसबुक पर सबकी पसंद हैं। इनके फेसबुक पेज पर करीब पांच लाख फालोअर हैं।

सूबेदार संदीप बल्हारा को मलाल, सतपाल से नहीं ले पाया आखिरी फोटो

ड्यूटी पर जाने से सतपाल ने इनसे कहा था कि साहब मैं फोटो ले रहा हूं, मेरे जाने के बाद मेरी भी फोटो डालकर फेमस कर देना। बकौल संदीप बल्हारा, उन्हें जरा भी आभास नहीं था कि संदीप इस तरह उनसे दूर हो जाएगा। आखिरी याद के लिए लिया गया फोटो भी सतपाल के फोन में ही रह गया, जिसका उन्हें ताउम्र मलाल रहेगा। अब उन्हें बार-बार संदीप के कहे शब्द सुनाई दे रहा हैं। जिसमें उसने कहा था कि साहब आखिरी फोटो करवा लो, पता नहीं फिर कब मिलेंगे।

पूरी यूनिट में किसी ने नहीं खाया खाना

सूबेदार संदीप बल्हारा के अनुसार विस्फोट में एक साथी खो देने के बाद पूरी यूनिट के लोग गमजदा हैं। बुधवार रात के समय यूनिट के किसी भी साथी ने खाना नहीं खाया। सतपाल बेहद हंसमुख लड़का था। हर रोज जब सामना होता था तो बड़ा खुश होता था। उनके एरिया से सतपाल ही इकलौता लड़का था, जिसके चलते उससे विशेष लगाव था। बल्हारा के अनुसार उनकी दो बहनों की शादी भी सतपाल के गांव में हुई है।

Edited By: Naveen Dalal

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