बरवाला/हिसार, जेएनएन। कब कौन सी बात किसे बुरी लग जाए, पता नहीं। महज बुरी ही नहीं लगे बल्कि बात इस तरह से अंदर लग जाए कि सामने वाले की जान ही ले ली जाए। ऐसा ही हिसार जिले में एक मामला आया है। देवीगढ़ पूनिया गांव में 20 वर्षीय युवक दीपक की गांव के ही दो युवकों ने गंडासी से कई वार कर हत्या कर दी। आरोप है कि मृतक आरोपितों की मां-बहन के बारे में कॉमेंट करता था। इसलिए वे उससे रंजिश रखते थे। इस वारदात को कुनबे के ही दो युवकों ने अंजाम दिया। दोनों आरोपितों को ग्रामीणों ने रात को ही काबू कर लिया और सुबह पुलिस के हवाले कर दिया।

वारदात की सूचना मिलने के बाद डीएसपी संजय कुमार बिश्नोई, सीन ऑफ क्राइम टीम के डा. अजय कुमार और बरवाला के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप ङ्क्षसह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीन ऑफ क्राइम की टीम ने मौके से कई साक्ष्य जुटाए। काफी एरिया में खून के निशान व अन्य निशान पाए गए। इस पता चलता है कि हत्या के समय काफी संघर्ष हुआ। दीपक ने हत्यारों से बचाव के लिए काफी हाथ-पैर मारे।

गांव में परचून की दुकान चलाता था युवक

थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप के अनुसार यह हत्या आपसी रंजिश के चलते की गई है। रंजिश का कारण दीपक द्वारा आरोपितों की मां-बहन पर कॉमेंट करना बताया गया है। इस मामले में इनका झगड़ा भी हुआ था। बरवाला पुलिस ने मृतक दीपक के चाचा अशोक के बयान पर दोनों आरोपितों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज करके दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल तेजधार हथियार भी बरामद किया। दोनों को मंगलवार को हिसार अदालत में पेश किया जाएगा। मृतक दीपक लगभग 20 वर्षीय सतबीर ङ्क्षसह का बड़ा पुत्र था और गांव में ही परचून की दुकान करता था। वहीं दूसरी तरफ  दोनों आरोपित रामनिवास और मोहित लेंटर आदि लगाने के कार्य के दौरान मजदूरी करते थे।

दीपक के सिर से लेकर पैर तक गंडासी से कई वार किए

दीपक के पिता सतबीर ने बताया कि आरोपितों ने दीपक के सिर से लेकर पैर तक गंडासी से कई वार कर रखे थे। दीपक के चाचा अशोक ने पुलिस को दर्ज कराएं अभियोग में आरोप लगाया कि दीपक बीती रात लगभग साढ़े दस बजे दुकान बंद करके घर आया। इसके बाद मोहित उर्फ  छोटी ने दीपक के छोटे भाई आशीष के फोन पर बातचीत करके दीपक को धोखे से गांव के बाहर खेलने के मैदान के पास बुलाया। दीपक वहां पर चला गया और काफी देर तक जब नहीं लौटा तो अशोक स्वयं तथा एक अन्य ग्रामीण मदन दीपक को ढूंढने के लिए गांव के बाहर गए तो वहां पर मोहित उर्फ छोटी तथा रामनिवास दोनों ही दीपक को गंडासी से मार रहे थे और दीपक चिल्ला रहा था। दोनों आरोपित उन्हें देखकर गंडासी सहित मौके से भाग गए। इसके बाद उन्होंने वाहन का प्रबंध करके दीपक को इलाज के लिए पहले बरवाला के एक निजी अस्पताल और इसके बाद हिसार रेफर किया। लेकिन अधिक खून बहने के कारण उसकी मौत हो गई। डीएसपी संजय कुमार तथा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप ङ्क्षसह ने बताया कि पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव को परिजनों के हवाले कर दिया।

चौधरी देवीलाल और कृपा राम पूनिया ने मिलकर बसाया था गांव, इस प्रकार की यह पहली वारदातखंड बरवाला के देवीगढ़ पूनिया गांव को शांतिप्रिय गांव माना जाता है। इस गांव को बसे हुए 33 साल हो गए हैं। तब से अब तक इस गांव में इस प्रकार हत्या की यह पहली वारदात है। इससे पहले कभी भी ऐसी वारदात गांव में नहीं हुई। इस गांव को 1987 में चौधरी देवीलाल और कृपा राम पूनिया ने मिलकर बसाया था। इसलिए इस गांव का नाम देवीगढ़ पूनिया रखा गया था। यहां के लोग कैथल के गुणा गांव से आकर यहां बसे थे।

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Posted By: Manoj Kumar

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