हिसार, जेएनएन। एडीजे डा. पंकज की अदालत ने पत्नी की हत्या करने के जुर्म में सेक्टर 1-4 के पास के सूरजमल इनक्लेव निवासी सुरेश कुमार को आजीवन कारावास की कैद और 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने वीरवार को उसे दोषी करार देकर उसके माता-पिता को बरी कर दिया था। सुरेश मूल रूप से मीरकां का रहने वाला है। डॉक्टरों ने विवाहिता की हत्या गला और मुंह दबाने के कारण हुई बताई थी।

सिटी थाना पुलिस ने इस संबंध में 25 मई 2017 को दहेज हत्या का केस दर्ज किया था। घिराय गांव निवासी राममेहर ने शिकायत में कहा था कि उसने बेटी ज्योति की शादी सूरजमल इनक्लेव निवासी सुरेश के साथ 11 दिसंबर 2011 को की थी। शादी के कुछ दिन बाद दामाद सुरेश ज्योति को दहेज के लिए परेशान करने लगा। सुरेश कार मांगता था। उसके बाद सुरेश ने सिविल अस्पताल के सामने लैब खोली थी। हमने उस दौरान उसे एक लाख रुपये दिए थे। दामाद ने उसके बावजूद ज्योति के साथ मारपीट करनी बंद नहीं की। उसने कहा कि साल 2016 में मेरे बेटे प्रदीप की शादी थी।

तब दामाद सुरेश ने मेरे बेटे को कहा था कि शादी में गाड़ी मांग ले और फिर मुझे वह गाड़ी दे देना। प्रदीप ने कार मांगने से इनकार कर दिया था। सुरेश ने ज्योति के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। ससुराल में हुई पंचायत में ससुरालजनों ने कहा था कि वे ज्योति को अब तंग नहीं करेंगे। शिकायतकर्ता ने कहा था कि पंचायत के नौ दिन बाद मेरे बेटे प्रदीप के पास ज्योति के ससुर रामचंद्र का फोन आया। वह बोला कि ज्योति को सामान्य बुखार है और हम उसे अस्पताल लेकर आए हैं। कुछ देर बाद सास सरोज ने फोन कर बताया कि ज्योति की तबीयत बिगड़ रही है। शिकायतकर्ता ने कहा था कि हम बाद में एक निजी अस्पताल में पहुंचे तो बैड पर ज्योति मृत थी।

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