फतेहाबाद, जागरण संवाददाता। फतेहाबाद में यूरिया खाद की किल्लत पिछले काफी दिनों से बनी हुई है। मंगलवार को जिले में 50 हजार से अधिक बैग आए है। जिसके बाद किसान बाजार में आ गए। लेकिन अब भी जरूरतमंद किसानों को खाद नहीं मिल रही है। वहीं फतेहाबाद के अनाजमंडी स्थित 11ए की दुकान पर जमकर हंगामा हुआ। हंगामा इतना बढ़ गया कि दुकानदार को डायल 112 पर फोन करना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही कृषि विभाग के अधिकारी माैके पर पहुंचे। कृषि अधिकारियों ने मौके जाकर किसानों को समझाया और किसानों को खाद दिलाई। जिले में मंगलवार को टोहाना व भूना के अलावा पैक्स में खाद आने के कारण कुछ राहत मिली है। हालांकि अब जरूरत के अनुसार खाद का कोटा भी आ गया है। 

सात दिन पहले इसी आढ़ती का लाइसेंस किया था रद 

एक सप्ताह पहले अनाजमंडी स्थित दुकान 11ए  मैं श्याम सुंदर एंड ब्रदर्स की दुकान में खाद आई थी। उस समय भी दुकान मालिक ने किसानों को खाद देनी बंद कर दी थी। हंगामा हुआ तो कृषि विभाग के अधिकारी व पुलिस मौके पर पहुंची थी। लेकिन बाद में किसानों ने गोदाम आदि की जांच की। कृषि अधिकारियों ने जब रिकार्ड की जांच की तो डाटा मिलान नहीं हो पाया। इस कारण सात दिनों तक लाइसेंस को सस्पेंड कर दिया गया था। जिसके बाद अधिकारियों ने कहा था कि 25 जनवरी से ही खाद का वितरण कर सकता है। लेकिन वितरण शुरू होने के बाद फिर हंगामा हो गया।

किसानों का आरोप, एक दिन पहले ही काट दिए टोकन

दुकान के बाहर लाइनों में खड़े किसान भूथन निवासी वीरभान व सुदेश कुमार व गिल्लाखेड़ा निवासी हंसराज व लेखराज ने बताया कि मंगलवार को जैसे ही खाद आने की सूचना मिली तो वे मौके पर पहुंच गए। यहां पर केवल 50 किसान खड़े थे। दुकानदार ने 200 बैग देने की बात कही थी। लेकिन 50 किसानों को ही टोकन देने के बाद खाद वितरण बंद कर दिया। किसानों का आरोप है कि लाइसेंस सस्पेंड होने के बावजूद एक दिन पहले ही टोकन काट दिए गए। जिससे गड़बड़ी हुई है। घटना के बाद कृषि अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसानों को शांत करवाया। कृषि अधिकारियों ने कहा कि रिकार्ड ठीक मिला है। वहीं जितना स्टाक था वो बांट दिया गया। जिसके बाद किसान शांत हुए।

मौके पर पहुंचे कृषि अधिकारियों ने मामले को करवाया शांत

गड़बड़ी की ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। हमारी टीम मौके पर पहुंची। किसानों को समझाया भी गया। जिले में मंगलवार को अनेक जगह खाद आई है। आने वाले दिनों में भी खाद आएगी। ऐसे में अब यूरिया खाद की कमी नहीं है।

-----राजेश कुमार, कृषि उपनिदेशक कृषि एवं कल्याण विभाग।

Edited By: Naveen Dalal