जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तीन कृषि कानून वापस लिए जाने की घोषणा करने और कैबिनेट में कानून वापसी के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद किसान नेता अब आंदोलन को खत्म करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से सिंघु बार्डर पर 27 नवंबर को बुलाई गई बैठक में आंदोलन खत्म होने की घोषणा किसान नेता कर सकते हैं। तीन कृषि कानून वापस लिए जाने से किसान नेता और आंदोलनकारी काफी खुश हैं। इसे अपनी बड़ी जीत बता रहे हैं।

मगर एमएसपी पर कानून बनाने और अन्य मांगों को लेकर अभी लड़ाई जारी रखने का निर्णय किसानों ने लिया है। मगर इसी आंदोलन के जरिये यह लड़ाई लड़ने का अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। किसानों का फैसला था कि तीन कृषि कानून वापसी तो तभी होगी घर वापसी। ऐसे में किसान नेता अपने इसी वादे को पूरा करने के लिए आंदोलन को समाप्त कर सकते हैं। कुछ किसान नेता अब आंदोलन को खत्म करने के हक में हैं लेकिन उनकी ओर से पत्ते नहीं खोले जा रहे हैं।

दरअसल, किसान नेता आंदोलन समाप्ति के लिए 29 नवंबर तक का इंतजार कर रहे हैं, ताकि संसद में भी इन कानूनों को वापस लेने के फैसले को मंजूरी मिल जाए। इसी के चलते संसद भवन तक ट्रैक्टर मार्च निकालने का फैसला भी 27 नवंबर की ही बैठक में लिया जाएगा। ऐसे में अब 27 को होने वाली बैठक इस आंदोलन के भविष्य को लेकर काफी अहम मानी जा रही है। उधर, आमजन से लेकर व्यापारी वर्ग वाहन चालक व उद्यमियों समेत अन्य लोगों ने भी अपनी नजरें इस बैठक पर ही टिका ली हैं। यह पूरा वर्ग चाहता है कि इस बैठक से उनके लिए भी खुशी की बात निकले। आंदोलन समाप्त हो और बार्डरों के रास्ते खुल जाए, ताकि एक साल से चल रही परेशानियां कम हो सकें।

Edited By: Manoj Kumar