जागरण संवाददाता , सिरसा। जम्मूतवी एक्सप्रेस रेलगाड़ी (19225-19226) डबवाली रेलवे स्टेशन पर रुकेगी। 22 मई को गाड़ी का ठहराव होगा। रेलवे ने छह माह के लिए ठहराव के आदेश दिए हैं। पिछले हफ्ते ही  दो साल पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए रेलवे बोर्ड दिल्ली ने डबवाली रेलवे स्टेशन पर स्टापेज बनाने को मंजूरी दी थी। ठहराव के सम्बन्ध में शुक्रवार को पत्र जारी हो गया। उत्तर पश्चिम रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य डबवाली निवासी सुरेश मित्तल ने बताया कि 15 जनवरी 2020 को बठिंडा-जम्मूतवी का विस्तार बठिंडा से जोधपुर तक हुआ था। लेकिन डबवाली रेलवे स्टेशन पर ठहराव नहीं किया गया था। पिछले करीब दो वर्षों से दो मिनट के ठहराव की मांग उठ रही थी। सांसद सुनीता दुग्गल और भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य देवीलाल ठहराव के दौरान मौजूद रहेंगे।

--डबवाली के लोगों को होगा सीधा फायदा

डबवाली पंजाब, हरियाणा तथा राजस्थान की सीमा पर बसा एक महत्वपूर्ण उपमंडल है। रेलवे ने शहर डबवाली में बने रेलवे स्टेशन को आदर्श स्टेशन के रुप में विकसित किया है। प्रति वर्ष काफी संख्या में लोग अमृतसर, व्यास, वैष्णों देवी यात्रा के लिए जाते हैं। व्यापारिक क्षेत्र होने के कारण इसका सीधा जुड़ाव राजस्थान के बीकानेर-जोधपुर क्षेत्रों से है। क्षेत्र के लोग गुजरात तक की यात्रा करते हैं। डबवाली से अमृतसर तक कोई रेल सुविधा नहीं है। डबवाली रेलवे स्टेशन से पंजाब राज्य के जिला बठिंडा व श्री मुक्तसर साहिब के लगभग दो दर्जन गांव जुड़े हुए हैं। इन गांवों के लोग भी रेलवे की सुविधा पाने के लिए डबवाली रेलवे स्टेशन का उपयोग करते हैं। इसके अलावा डबवाली क्षेत्र कैंसर रोगियों से पीडि़त हैं। जिस कारण इलाज करवाने के लिए लोग बीकानेर जाते हैं। राजकीय व संस्थागत शैक्षणिक संस्थान हैं, जिनके विद्यार्थी शैक्षणिक भ्रमण के लिए जालंधर (साइंस सिटी), अमृतसर जैसे धार्मिक संस्थानों व बाघा बॉर्डर आदि के लिए यात्रा करते हैं। जम्मूतवी का ठहराव होने से यात्रा आसान हो जाएगी।

--यह होगी समयसारिणी

गाडी संख्या 19226, जम्मूतवी-जोधपुर एक्सप्रेस रेलसेवा जो दिनांक 21.05.2022 से जम्मूतवी से प्रस्थान करेगी वह मंडी डबवाली स्टेशन पर 10.16/10.18 बजे आगमन/प्रस्थान करेगी।  इसी प्रकार गाडी संख्या 19225, जोधपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस रेलसेवा जो दिनांक 22.05.2022 से जोधपुर से प्रस्थान करेगी वह मंडी डबवाली स्टेशन पर 17.07/17.09 बजे आगमन/प्रस्थान करेगी। यह ठहराव प्रायोगिक तौर पर 6 माह के लिए दिया जा रहा है जिसे समीक्षा के पश्चात बढ़ाया जा सकता है।

Edited By: Manoj Kumar