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भिवानी में सरकारी अस्पताल में नहीं आयरन कैल्शियम की दवा, गर्भवती महिलाओं को संकट

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर दवा मुफ्त में दी जाती है। कैल्शियम आयरन की दवा न मिलने से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बने पीएचसी में नियमित चेकअप के लिए आने वाली सैकड़ों गर्भवती महिलाएं परेशान हो रही हैं

By Manoj KumarEdited By: Published: Fri, 14 May 2021 03:44 PM (IST)Updated: Fri, 14 May 2021 03:44 PM (IST)
भिवानी में सरकारी अस्पताल में नहीं आयरन कैल्शियम की दवा, गर्भवती महिलाओं को संकट
मां के आयरन व कैल्शियम की गोली नहीं लेने से गर्भ में पल रहे बच्‍चे को नुकसान हो सकता है

ढिगावा मंडी [मदन श्योराण] एक तरफ कोरोना महामारी का संकट लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ता जा रहा है, दूसरी ओर भिवानी में स्थित पीएचसी ढिगावा जाटान, पीएचसी नकीपुर में एक बार फिर दवाओं का टोटा हो गया है। सरकारी अस्पताल में आयरन कैल्शियम की दवा नहीं होने के कारण मरीजों मुख्य रूप से गर्भवतियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते मरीज महंगे दामों पर दवा खरीदने को मजबूर है।

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर यह दवा मुफ्त में दी जाती है। कैल्शियम आयरन की दवा न मिलने से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बने पीएचसी में नियमित चेकअप के लिए आने वाली सैकड़ों गर्भवती महिलाएं परेशान हो रही हैं। नकीपुर पीएससी में चेकअप कराने पहुंची एक गर्भवती महिला सरिता निवासी पहाड़ी ने बताया कि वह 5 माह से गर्भवती है।

इस दौरान आयरन और कैल्शियम की 10-10 गोली एक बार ही मिली थी, उसके बाद से कैल्शियम आयरन की दवा बाजार में खरीदनी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पैसों के अभाव में कई गर्भवती महिलाएं इस दवा से वंचित हैं। गर्भवती महिलाओं को आयरन और कैल्शियम की दवाइयां डिलिवरी के बाद भी खानी पड़ती है। अब अस्पताल में आयरन की गोलियां नहीं होने से उनको बिना दवाइयों के ही लौटना पड़ रहा है।

गर्भावस्था के दौरान आयरन क्यों महत्वपूर्ण है :-

शरीर में आयरन की कमी को एनीमिया कहा जाता है। आयरन का उपयोग शरीर में ऑक्सीजन का संचार करने के लिए होता है। यह लाल रक्त कोशिकाओं में पाए जाने एक प्रोटीन, हीमोग्लोबिन की मदद से पूरे शरीर में ऑक्सीजन ले जाने का काम करता है। इसके अलावा, यह मायोग्लोबिन की मदद से मांसपेशियों में भी ऑक्सीजन का संचार करने का काम करता है ।

प्रेगनेंसी में आयरन की कमी के लक्षण :-

थकान, शारीरिक और मानसिक अस्थिरता

सिरदर्द, चक्कर आना, पैरो में अकड़न, होंठों के आसपास लाल चकत्ते और सूजन।

गर्भवती महिलाओं के लिए आयरन के स्वास्थ्य लाभ :-

 भ्रूण के विकास के लिए आयरन की आवश्यकता होती है, जो उस तक गर्भवती महिला द्वारा पहुंचता है। आयरन से  भ्रूण को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलने में मदद होती है। और कई बार प्रसव के दौरान महिला का अधिक खून बह जाता है। ऐसे में शरीर में आयरन की समृद्ध मात्रा प्रसव के लिए खून का बफर रखने में मदद करती है। शरीर में पर्याप्त आयरन होने से गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताएं, जैसे – समय से पूर्व प्रसव, जन्म के समय शिशु का कम वजन या प्रसवकालीन मृत्यु की आशंका को कम करने में मदद मिल सकती है।

----डॉ. रीता ने बताया कि कैल्शियम आर्यन के साथ-साथ अन्य कई प्रकार की दवाइयों की शॉर्टेज है, वैसे महीने की 9 तारीख को गर्भवती महिलाओं के लिए कंप लगाया जाता है उस दौरान सीएचसी लोहारू से दवाइयां लेकर आते हैं। उच्च अधिकारियों के पास रिक्वायरमेंट भेज रखी है जल्द ही कैल्शियम आयरन के साथ अन्य दवाइयां भी उपलब्ध हो जाएंगी।


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