बहादुरगढ़, जागरण संवाददाता। बहादुरगढ़ के शहर की गांधी मार्केट में दो दुकानदारों से छठ लाख रुपये ऐंठने के मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच (सीआइए) को सौंप दी गई है। वारदात को अंजाम देने वाले शातिरों ने दुकानदारों को तो ठगा ही, साथ में पुलिस को भी चकमा दिया था। वाइल्ड लाइफ विभाग का अफसर बताकर थाने में पुलिस से मिले। बाद में थाने के बाहर से पैसे ऐंठकर चलते बने। दुकानदारों को जब सच्चाई का पता लगा तब पुलिस ने केस दर्ज किया। मगर पुलिस इस बिंदु काे नहीं पकड़ पाई कि पहले दुकानदाराें के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कहने वाले बाद में चुपचाप कैसे निकल गए।

दीपक नाम का शख्स करता है ठगी

दो दुकानदारों से तीन-तीन लाख रुपये ठगने वाले शातिरों में से एक ने अपना नाम अभिषेक और दूसरे ने दीपक बताया था। अभिषेक ने खुद को वाइल्ड लाइफ का इंस्पेक्टर बताया था, लेकिन पूरे रोहतक मंडल में वाइल्ड लाइफ विभाग में इस नाम का इंस्पेक्टर तो दूर कोई भी कर्मचारी ही नहीं है। दूसरा, जो दीपक नाम का शख्स था, उसकी तलाश पुलिस है। बताते हैं कि एक गैर सरकारी संगठन का सदस्य बनकर दीपक नाम का शख्स पहले भी कई जगहों पर रौब और धौंस जमाकर इस तरह से पैसे ऐंठ चुका है। खुद वाइल्ड लाइफ विभाग के अफसर बताते हैं कि यमुनानगर और पानीपत में इस तरह की घटनाएं हुई हैं। अब यह पता किया जा रहा है बहादुरगढ़ में भी दुकानदारों से तीन-तीन लाख रुपये ऐंठने वाला दीपक नाम का शख्स वही शातिर है या फिर कोई और।

यह था मामला

अग्रवाल कालोनी निवासी विनीत गुप्ता की गांधी मार्केट में पंसारी की दुकान है। 16 जनवरी को टेंपरेरी नंबर की फोर्च्युनर गाड़ी में तीन व्यक्ति उसकी दुकान पर आए थे। हवन का कुछ सामान मांगा। वे दुकान से सामान निकालने लगे। तभी एक व्यक्ति ने थैला खोलकर कहा कि यह सामान तेरी दुकान से मिला है। उसने अपना नाम वाइल्ड लाइफ का इंस्पेक्टर अभिषेक इंस्पेक्टर बताया। दूसरे ने अपना नाम दीपक बताया। उस थैले में किसी जानवर के नाखून जैसा कुछ था, जो प्रतिबंधित होने की बात कही। उसने मना किया कि यह सामान उसकी दुकान में नहीं था लेकिन उन्होंने धमकाते हुए कहा यह सामान तेरी दुकान से ही निकला है। विनीत के मुताबिक उसके पड़ोसी चाचा अशोक की दुकान पर भी यहीं सामान बरामद होने की बात कही और उन दोनों को लाइनपार थाना के बाहर ले गए। एफआइआर दर्ज करवाने का भय दिखाकर उनसे तीन-तीन लाख रुपये ऐंठ लिए।

डीएसपी के अनुसार

इस मामले की जांच अब सीआइए द्वितीय को सौंपी गई है। अभी आरोपितों के बारे में कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

--पवन कुमार, डीएसपी, बहादुरगढ़।

Edited By: Naveen Dalal